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डाउनलोड करेंइंदौर. नगर निगम ने शहर में आम लोगों की सुविधा देने के लिए सुविधाघरों (सुलभ शौचालय) का काम शुरू किया है। हालांकि शुरुआत में ही इनका विरोध भी सामने आया है। मामला चिमनबाग के पास नूतन हायरसेकंडरी के बाहर मुख्य रोड का है। यहां सुविधाघर निर्माण पर स्कूली छात्रों और स्टॉफ ने आपत्ति ली है।
करीब एक सप्ताह पहले यहां निर्माण शुरू हुआ। जैसे ही स्कूल को जानकारी मिली, उन्होंने पार्षद और महापौर से इसके निर्माण का विरोध किया। प्रोजेक्ट के प्रभारी व सिटी इंजीनियर विनोद सराफ मौके पर पहुंचे और बातचीत की। निगम का तर्क है एमजी रोड के कोने से जेल रोड और भंडारी ब्रिज तक एक भी सुविधाघर नहीं है। निगम चाहता है यहां लोगों की सुविधा के लिए यह निर्माण हो। सराफ के मुताबिक मामूली विरोध था। कुछ दुकानदार भी नहीं चाहते कि यहां उनका व्यापार प्रभावित हो। हमने समझाया कि अत्याधुनिक तकनीक से यह निर्माण होगा, इससे किसी तरह की परेशानी नहीं बल्कि सुविधा ही होगी। अब वे मान गए है, इसलिए विरोध जैसी बात नहीं रही। अफसरों का तर्क है कि चिमनबाग पर भी आए दिन स्कूली छात्रों से लेकर स्पोट्र्स और अन्य कई तरह के आयोजन होते है। अंदर बनाएंगे तो छात्रों को ज्यादा परेशानी होगी। इसलिए हम बाहर बना रहे है। करीब 11 लाख की लागत से यह निर्माण होगा। इसमें छात्रों के लिए चेंजिंग रूम भी बनाएंगे। इधर प्राचार्य राजेंद्र मकवानी का कहना है कि यह प्रतिष्ठित स्कूल है। यदि मुख्य गेट के पास ही बना देंगे तो स्कूल की पहचान शौचालय के नाम से हो जाएगी। शैक्षणिक दृष्टि से हमारे पास तो यह सुविधा पहले से है।यहीं बात छात्रों ने भी कही। उनका कहना था क्षेत्रिय पार्षद को भी हम परेशानी बता चुके है। यदि आगे निर्माण हुआ तो हम विरोध करेंगे।
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