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केस के खात्मे के लिए अलग-अलग शहरों से आना पड़ा डॉक्टरों को

7 वर्ष पहले
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इंदौर. तीन साल पहले हड़ताल के दौरान गिरफ्तार हुए जूनियर डॉक्टरों का केस खत्म नहीं हुआ है। एफआईआर से नाम हटवाने के लिए डॉक्टर्स कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। देशभर के अलग-अलग शहरों में रह रहे डॉक्टर्स बुधवार को इंदौर पहुंचे। कॉलेज प्रशासन ने सभी को चिट्ठी लिखी। जिसके बाद छात्र दौड़े-दौड़े पहुंचे।


बुधवार को सभी कागजी खानापूर्ति के लिए इंदौर आए थे।कोर्ट की ओर से भी डॉक्टरों को समन जारी किए गए थे। तीन साल पहले स्टायपेंड बढ़ाने सहित कुछ मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन छेड़ दिया था।जिसके विरोध में सरकार ने भी उन पर एस्मा के तहत कार्रवाई कर दी थी।छात्रों को गिरफ्तार किया गया और उन पर एफआईआर दर्जकी गई थी। आपसी समझौता के चलते छात्रों ने हड़ताल वापस ली। पुलिस ने गिरफ्तार छात्रों को छोड़ दिया लेकिन केस अभी तक खत्म नहीं हो पाया है। केस खात्मे की खानापूर्ति के लिए छात्र चक्कर लगा रहे हैं।