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डाउनलोड करेंइंदौर. सपना-संगीता रोड के एक बिल्डिंग की परमिशन को लेकर सिटी इंजीनियर ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद निर्णय सुना दिया है। बिल्डर को 65 लाख रुपए शुल्क (प्रीमियम ऑन एफएआर) जमा करना होगा।
मामला सपना संगीता रोड के प्लॉट नंबर 22, स्कीम 31 का था। यहां आवेदक लक्ष्मण दास पिता उदाराम भाटिया एवं अन्य ने निगम में वाणिज्यिक (कमर्शियल) नक्शा स्वीकृत करवाने का आवेदन दिया था। दरअसल आईडीए की यह योजना मूल रूप से आवासीय-सह वाणिज्यिक है।
नक्शा लगने के बाद निगम ने प्रीमियम ऑन एफएआर की राशि जमा करने के लिए 65 लाख का फीस मेमो जारी किया। इस पर भवन निर्माता ने आपत्ति ली की यह शुल्क नहीं लगता इसलिए मैं जमा नहीं करूंगा। नगर निगम ने इस मामले में विधिक अभिमत लिया। इस पर अधिवक्ता ने भी राशि जमा करवाने की ही राय दी। इस बीच मामला विवादित हुआ मुख्यालय के भवन अधिकारी विनोद नागर ने भी फाइल में लिखा कि शुल्क लेना होगा। भवन निर्माता ने लोकायुक्त में बीओ की शिकायत की। वहां जांच शुरू हुई, इधर भवन निर्माता ने हाईकोर्ट में याचिका (क्रं. 5836) लगाई। इसमें मुख्यालय बीओ को व्यक्तिगत रूप से पार्टी बनाया गया। कोर्ट ने इस मामले में सिटी इंजीनियर को सुनवाई के निर्देश दिए। सिटी इंजीनियर भवन अनुज्ञा हरभजनसिंह ने इस मामले में आदेश दिया कि संबंधित आवेदक को प्रीमियम ऑन एफएआर तो जमा करना ही होगा।
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