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स्टेशन चीफ बुकिंग सुपरवाइजर को चार्जशीट, रुका एक साल का इंक्रीमेंट

8 वर्ष पहले
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जालंधर । हमेशा विवादों में रहने वाले चीफ बुकिंग सुपरवाइजर हरवंश सिंह को खराब सुपरविजन के आरोप में चार्जशीट जारी की गई है। जिसके चलते कोई जबाव नहीं मिलने पर उनका एक साल का इंक्रीमेंट रोक दिया गया है। फिलहाल हरवंश सिंह को बीते दिनों सिटी स्टेशन से कैंट स्टेशन ट्रांसफर कर दिया गया है। लेकिन अभी तक उन्होंने कैंट में ड्यूटी ज्वाइन नहीं किया है। बताया जा रहा है कि करीब दो माह पहले एसीएम तरलोक सिंह ने बुकिंग काउंटर का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उपस्थिति रजिस्टर में कंप्लीट नहीं था।

साथ ही ड्यूटी दिन में होने के बजाय रात में ड्यूटी करते हुए पाया गया था। तरलोक सिंह के रिपोर्ट पर उसे एसएफ-11 जारी किया गया था। इस चार्जशीट पर सीबीएस से जबाव मांगा गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जबाव फाइल नहीं किया गया। जिसके चलते फिरोजपुर मंडल के अधिकारियों ने उस पर एक तरफा कार्रवाई करते हुए एक साल का इंक्रीमेंट रोक दिया है। उधर हरवंश सिंह का कहना है कि मैं डाक विभाग के माध्यम मैं अपने जबाव की रजिस्ट्री कर दी थी। यदि रेलवे अधिकारियों को मेरा जबाव नहीं मिला तो इसमें मेरी क्या गलती है। फिलहाल मेरे पास अभी तक पेनाल्टी किए जाने का आदेश नहीं पहुंचा है। मेरी भाभी की मौत हो जाने की वजह से मैं कैंट में ज्वाइन नहीं कर सका है।

इस तरह रहे विवादों में

हरवंश सिंह और रेलवे अधिकारियों के बीच विवादों का सिलसिला बीते साल से शुरू हुआ। जब उनका ट्रांसफर कैंट स्टेशन पर कर दिया गया। वह बार-बार रेलवे अधिकारियों से ट्रांसफर रोकने की अपील करते रहे लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। इसके बाद वह कोर्ट के माध्यम से ट्रांसफर पर स्टे आर्डर ले आए और सिटी स्टेशन पर काम करते रहे। इस दौरान वह अधिकारियों की निगाह में किरकिरी बन गए। दूसरी सुनवाई में हरवंश का स्टे आर्डर टूट गया। रेलवे अधिकारियों को मौका मिलते ही उन्हें दोबारा कैंट ट्रांसफर कर दिया। लेकिन वह अभी तक कैंट में ज्वाइन नहीं किया है।

महिला क्लर्कों को भी जारी किया गया एसएफ-11

बुकिंग काउंटर पर कार्यरत दो महिला क्लर्कों को भी एसएफ-11 जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि उन पर यात्रियों से किराए से अतिरिक्त किराया वसूले जाने का आरोप लगाया था। इस मामले को पूर्वांचल विकास महासभा के पदाधिकारियों ने स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा किया था।