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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। अभिनेता संजय दत्त को जीवन का सबसे बड़ा झटका देते सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर दोबारा से विचार करने की मांग करती पुर्नविचार याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस पी. सदाशिवम और जस्टिस डा. बलबीर सिंह चौहान की खंडपीठ ने पिटिशन खारिज करते हुए संजय को 17 मई को सरेंडर करने का हु्क्म दिया है। इस तरह संजय दत्त के लिए अदालत की तरफ से सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। हालांकि अब संजय के पास सिर्फ महाराष्ट्र के गर्वनर की तरफ से एक उम्मीद बची है, जोकि उनकी सजा को माफ कर सकते हैं।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने छह और लोगों की भी याचिका खारिज कर दी है। इन याचिकाकर्ताओं में यूसुफ मोहसिन नलवाला, मोहम्मद दाउद यूसुफ खान, शेख आसिफ यूसुफ, मोहम्मद अहमद शेख, खलील अहमद सैयद अली नाजिर, मुजम्मिल उमर कादरी शामिल हैं। न्यायालय ने इनकी अर्जियों में ऐसे कोई भी तथ्य नहीं पाए, जोकि इनकी सजा कम किए जाने को लेकर ठोस आधार बनते थे। लिहाजा खंडपीठ ने उनकी सजा कम किए जाने को लेकर कोई भी आदेश पारित करने से इंकार करते अर्जियों को खारिज कर दिया।
संजय दत्त को 1993 में हुए मुंबई बम ब्लास्ट में पांच साल की सजा सुनाई गई थी।संजय इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत गैर क़ानूनी रूप से हथियार रखने के दोषी हैं। वह इस मामले में 18 महीने की सजा काट चुके हैं मगर बाकी सजा कटनी बाकी है और उन्हें जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा।
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