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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। बहुचर्चित एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा सुसाइड मामले में राजधानी की एक निचली अदालत ने हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा और उनकी सहयोगी अरुणा चड्ढा के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने कहा है कि कांडा के खिलाफ प्रथम दृष्टया आईटी एक्टस के अलावा भारतीय दंड संहिता के तहत रेप, अप्राकृतिक यौनाचार, खुदकुशी के लिए उकसाने, आपराधिक साजिश रचने और फर्जीवाड़े का मामला बनता है। खास यह है कि इस केस में कोर्ट ने अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप खुद कांडा पर तय किया है। (गीतिका केस: यौन शोषण की शिकार होने के चलते की खुदकुशी?)
इसके साथ ही यह मामला विशेष अदालत को भी सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306, 120 बी, 506, 201, 467, 468, 469 और 471 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
गौरतलब है कि गीतिका शर्मा पिछले वर्ष 4 अगस्त को देर रात अपने अशोक विहार स्थित इसी घर में कमरे में पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली थी। अगले दिन पांच अगस्त की सुबह 9.20 बजे अशोक विहार थाना पुलिस को उसके खुदकुशी करने की जानकारी मिली थी। उसके कमरे से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ था।
एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा सुसाइड मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, गीतिका का शारीरिक शोषण हुआ था। इस खुलासे से यह सवाल भी उठ खड़ा हुआ है कि कहीं यही वो वजह तो नहीं थी, जिससे गीतिका टूट गई और उसने मौत को गले लगा लिया। संभवत: इसी वजह से गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था, 'कांडा बेशर्म इंसान है और वह हर लड़की पर बुरी नजर रखता है।'
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