पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंनई दिल्ली/गुड़गांव। दिल्ली पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त और उनकी महिला मित्र गीता की मौत के मामले में एक नया मोड़ यह आया है। गुड़गांव पुलिस ने दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर कैलाश बिष्ट की शिकायत पर बद्रीश दत्त और गीता शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 व 309 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन अभी यह साफ नहीं किया गया कि हत्या का आरोप किस पर है और आत्महत्या के प्रयास का किस पर। बैलेस्टिक रिपोर्ट आने के बाद ही जांच में पुलिस अलग- अलग धाराएं दोनों के खिलाफ लगाएगी।
उधर, दोनों की मौत का राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट से करीब खुल ही गया। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के पैनल के प्रमुख का कहना है कि पहले बद्रीश दत्त ने ही गीता को गोली मारी थी। उनके हाथ में गन पाउडर पाया गया है। इससे साफ होता है कि बद्रीश ने पहले गोली चलाई, क्योंकि अकसर गोली चलाने वाले के हाथ में गन पाउडर आ जाता है।
इससे पहले रविवार को गुड़गांव के पोस्टमार्टम हाउस में डा. दीपक माथुर के नेतृत्व में गठित मेडिकल बोर्ड के डाक्टरों ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया। पहले बद्रीश के शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद गीता के शव का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद दोनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।
डाक्टरों के मुताबिक, पता चला है कि बद्रीश और गीता ने शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे साथ में खाना खाया। इसके बाद ही देर रात करीब एक से दो बजे के बीच दोनों की मौत हुई। उधर, गुड़गांव पुलिस मामले की गहनता से जांच मे जुटी हुई है। दिल्ली पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
गुड़गांव पोस्टमार्टम हाउस से बद्रीश का शव ले जाते उनके परिजन। इनसेट में उनका फाइल फोटो।
अगले स्लाइड में पढ़ें - सुपरकॉप ब्रदीश दत्त की बहादुरी के कारनामें।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.