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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। दिल्ली सरकार के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रेल भवन के बाहर दो दिनों तक धरना देने के मामले में सफाई देते हुए कहा कि मैंने धरना देकर संविधान का उल्लंघन नहीं किया। जब जरूरत होगी, तब-तब सड़क पर उतरूंगा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि क्या संवैधानिक पद पर रहने वाला व्यक्ति कानून की अनदेखी कर आंदोलन कर सकता है ? वहीं दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके तीन मंत्रियों मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती और राखी बिड़ला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन लोगों पर भीड़ को आगे बढ़ाने के लिए उकसाने और भड़काऊ भाषण देने के लिए कुल सात धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
केजरीवाल ने अपने भाषण के दौरान कहा कि जब से हमारी सरकार बनी है, तब से भ्रष्टाचार में कमी आई है। अब ऑटो वालों से पुलिस पैसे नहीं लेती। उन्होंने कहा कि दिल्ली से भ्रष्टचार पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। भ्रष्टाचार के मामलों में 20 से 30 प्रतिशत की कमी जरूर आई है। केजरीवाल ने बताया कि जब वह इस समारोह में शामिल होने के लिए आ रहे थे तो एक जगह उनकी गाड़ी रूकी तो ऑटो वालों ने मुझे बताया कि पुलिसवालों ने रिश्वत लेना बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर नीयत साफ हो तो हम सब मिलकर इस व्यवस्था को सुधार सकते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि मेरा एक दोस्त कुछ दिनों पहले एक ऑटो में यात्रा कर रहा था तो उसने ऑटो वाले से बात की। ऑटो वाले ने उसे बताया कि 15 दिनों से पुलिसवालों ने रिश्वत नहीं ली है। इतना ही नहीं उस ऑटो वाले ने उसे कहा कि पुलिसवाले रिश्वत कैसे लेंगे क्योंकि ‘हमारी सरकार’ है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बताया कि उनके एक दोस्त के यहां एक चाय वाला पहले 8 रुपये की चाय बेचता था, लेकिन कुछ दिनों से उसने चाय दाम घटाकर 6 रुपये कर दिए। जब मेरे दोस्त से उससे पूछा कि तुमने चाय के दाम क्यों घटा दिए तो उसने बताया कि पुलिसवालों ने रिश्वत लेना बंद कर दिया इसलिए उसने भी चाय के दाम कम कर दिए हैं।
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