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8 वर्ष पहले
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नई दिल्‍ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को बने हुए अभी 30 दिन ही हुए हैं, लेकिन सरकार की कार्यप्रणाली से ब्यूरोक्रेसी ही नहीं आम आदमी में भी असमंजस की स्थिति है। हाल यह है कि मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार किसी भी काम के लिए पहले कदम बढ़ाती है और फिर अपने ही कदम वापस खींच लेती है। पिछले चंद दिनों में ही मुख्यमंत्री केजरीवाल की सरकार अपने कई फैसलों को पलट चुकी है। फैसले बदलने का यह सिलसिला सरकार बनने के पहले दिन से ही दिखाई दे रहा है।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही जिस तरह अपने घोषणापत्र व एजेंडे को पूरा करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई थी उससे बड़ी उम्मीदें दिखाई दे रही थीं। केजरीवाल स्वयं भी बार-बार इस बात को दोहरा चुके हैं कि उनकी सरकार से दिल्ली की जनता को बहुत उम्मीदें हैं लेकिन सरकार ने जिस तरह से अपने ही फैसलों को पलटा है उससे आम आदमी में तो गलत संदेश जा ही रहा है साथ ही नौकरशाहों को भी मुख्यमंत्री व उनके मंत्रियों की कार्यप्राणाली समझ नहीं आ रही है।

आगे पढ़ें- केजरीवाल सरकार ने पलटे कौन-कौन से फैसले