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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि 1984 सिख विरोधी दंगों में कुछ कांग्रेसी नेता शामिल थे। राहुल के इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच चल रही जुबानी जंग में आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े हैं। केजरीवाल ने उप-राज्यपाल से मुलाकात कर 1984 सिख दंगों की एसआईटी जांच की मांग की। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने केजरीवाल की एसआईटी जांच का समर्थन किया है।
उधर, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर की सजा माफी के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। इससे पहले केजरीवाल ने भुल्लर समर्थक इकबाल सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि भुल्लर की सजा माफी के पक्ष में है। भुल्लर को अदालत ने कांग्रेस नेता मनजिंद्र सिंह बिट्टा की हत्या करने का प्रयास करने और नौ लोगों की हत्या करने के आरोप में 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी।
केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से कहा कि उनकी मुलाकात सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि वह सिख दंगा मामले की एसआईटी जांच के मुद्दे को कैबिनेट में भी उठाएंगे, हालांकि केजरीवाल यह साफ नहीं कर सके कि एसआईटी कैसे और किन नेताओं के खिलाफ जांच करेगी। उधर, जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे सिख पीड़ितों के समर्थन में आज ‘आप’ के नेता उतरे हैं।
आप सदस्य और 1984 पीड़ितों के वकील एच एस फुल्का ने केजरीवाल के बयान के बाद कहा है कि सिख दंगों पर एसआईटी आज तक बनी नहीं है। इससे केस में तेजी आएगी। पहली बार एसआईटी बनाने की मांग की गई है। ‘आप’ ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सिख दंगों की एसआईटी से जांच कराने का वादा भी किया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को पंजाबी बहुल क्षेत्रों में अच्छी सफलता मिली थी।
आगे पढ़ें- मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किस को किया भुल्लर की सजा माफी का समर्थन
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