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7 वर्ष पहले
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नई दिल्‍ली। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को सचिवालय में अपनी सरकार के एक महीने के कार्यकाल का ब्‍योरा पेश किया। केजरीवाल ने इस दौरान यह भी बताया कि उनकी सरकार आगे क्‍या करने जा रही है। इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा, हम काम करेंगे तो विवाद तो होगा ही।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने इस दौरान धरने पर बैठे शिक्षकों और दिल्‍ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए भी कहा। उन्‍होंने कहा,अगर वह काम पर नहीं लौटेंगे, तो उनकी जगह नए लोगों को काम पर रखा जाएगा। इतना ही नहीं उन्‍हें नियमित भी नहीं किया जाएगा। अरविंद से जब 84 सिख विरोधी दंगा मामले में राहुल गांधी के बयान के बाद एसआईटी गठन की समयसीमा को लेकर पूछा गया तो उनका कहना था कि यह हमारे घोषणा पत्र में जनता से किया गया वादा था। हमें नहीं पता था कि राहुल किसी चैनल को भी इंटरव्‍यू देने वाले हैं।

मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा है कि कई संस्‍थाओं में राजनीतिक लोग बैठे हैं और हमारी सरकार उन सब लोगों को हटाएगी। उन्‍होंने बताया कि दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय, स्‍लम बोर्ड और दिल्‍ली महिला आयोग में कई राजनीतिक लोग बैठे हैं, जिन्‍हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन जगहों पर आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्‍यों को नहीं बल्कि विज्ञापन निकालकर अच्‍छे लोगों की नियुक्ति करेंगे। केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा कि मैं सरकार का रिपोर्ट कार्ड देर से जारी कर रहा हूं क्‍योंकि कई चैनल और पेपर पहले ही मेरी सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी कर चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि मैं शुक्रगुजार हूं कि मीडिया यह कृपा भविष्‍य में भी बनाए रखेगा।

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