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डाउनलोड करेंनई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष बरखा सिंह को हटाने की सिफारिश पर उपराज्यपाल नजीब जंग ने सवाल खड़े किए हैं। एलजी ने दिल्ली सरकार से पूछा है, आखिर किस आधार पर मौजूदा अध्यक्ष को हटाने की सिफारिश की जा रही है। क्या सरकार ने इसके लिए कानूनी राय ले ली है। इससे पहले दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा, बरखा सिंह कांग्रेस की विधायक हैं और ऐसी संस्थाओं में राजनीतिक व्यक्ति का हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए।
डीसीडब्लयू की अध्यक्ष बरखा सिंह ने आज उपराज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे कानून मंत्री सोमनाथ भारती के रवैये के बारे में शिकायत की। सिंह ने मुलाकात के दौरान एलजी को बताया कि दिल्ली महिला आयोग के बुलाने के बाद भी दिल्ली सरकार के मंत्री पेश नहीं हुए। दिल्ली महिला आयोग में युगांडा महिलाओं की शिकायत पर कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ नोटिस जारी किया था। दिल्ली महिला आयोग के नोटिस पर भारती पेश नहीं हुए जिसके बाद आयोग ने इसकी शिकायत उपराज्यपाल से की थी।
आयोग की कार्रवाई पर भारती ने बरखा सिंह पर राजनीतिक होने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार ने बरखा सिंह को पद से हटाने के लिए उपराज्यपाल से सिफारिश की थी। दिल्ली सरकार बरखा सिंह की जगह वरिष्ठ साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा को महिला आयोग का नया अध्यक्ष बनाने की सिफारिश की थी।
दिल्ली सरकार के फैसले पर बरखा सिंह ने कहा था कि मेरे खिलाफ इसलिए कार्रवाई की जा रही है क्योंकि मैने कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ कार्रवाई की थी। बरखा सिंह ने कहा कि विदेशी मूल की महिलाएं उनके पास शिकायत लेकर आई थीं और डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष होने के नाते मैंने उनकी शिकायत पर कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष पद एक सैंविधानिक पद है और केवल उपराज्यपाल को पद से हटाने का अधिकार है। बरखा सिंह ने कहा कि मेरे कार्यकाल के तीन साल अभी बाकी हैं और मुझे सोमनाथ भारती के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर गुरूवार को उपराज्यपाल से मिलना है।
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