कैनेडियन एमएलए के पिता अाखिरी इच्छा पूरी होने के कुछ घंटों बाद ही दुनिया से हुए रुखस्त

Mohali Bhaskar News - इसे इत्तेफाक कहें या विधि का विधान लेकिन फेज-3ए निवासी सरदारी लाल आनंद अपनी आखिरी इच्छा पूरी करने के बाद दुनिया काे...

Dec 03, 2019, 07:31 AM IST
इसे इत्तेफाक कहें या विधि का विधान लेकिन फेज-3ए निवासी सरदारी लाल आनंद अपनी आखिरी इच्छा पूरी करने के बाद दुनिया काे अलविदा कह गए हैं। परिवार की माने तो सरदारी लाल बार-बार कहते थे कि उन्होंने सभी धामों की यात्रा की है, बस अब एक आखिरी इच्छा है कि बाबा सालासर बालाजी के भी दर्शन कर आएं।

शुक्रवार को वे बाबा सालासर के दर्शन कर शाम को घर पहुंचे और रात को 11 बजे अपने बिस्तर पर लेटे और कुछ समय बाद ही उनका देहांत हो गया और दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। इस बात की चर्चा परिवार व मोहल्ले में है कि वो सभी को बोलते थे कि अब आखिरी इच्छा है कि सालासर धाम राजस्थान जाकर आना है। इस बात की पूरे एरिया में चर्चा है कि किस प्रकार वो अपनी आखिरी इच्छा पूरी करने के चंद घंटों के बाद ही वे दुनिया काे छोड़ गए।

धार्मिक कार्यों से जुड़े रहे हैं सरदारी लाल: फेज-3ए के श्री वैष्णो माता मंदिर में सरदारी लाल मुख्य प्रबंधक के तौर पर काम करते रहे हैं। उनके भतीजे एवं प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन शेलेंद्र आनंद ने बताया कि उनके चाचा पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट से हेड ड्राफ्ट मेन के पद से रिटायर हुए थे और हमेशा से ही धार्मिक कार्यों से जुड़े हुए थे। वे हमेशा ही मंदिर में अपना समय ज्यादा बिताते थे। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे हैं एक कैनेडा में एमएलए है जबकि दूसरा ऑस्ट्रेलिया में जर्नलिस्ट है। शेलेंद्र आनंद ने बताया कि उठाला रस्म सोमवार को पूरी हो गई है। उनकी प|ी संतोष आनंद काफी शोकाकुल हैं।

ओंटारियो मेंे एमएलए दीपक आनंद के हैं पिता

सरदारी लाल आनंद का 80 साल की उम्र में देहांत हो गया है। उनका बेटा दीपक आनंद कैनेडा के अोंटारियो में एमएलए है। इस बात को लेकर काफी खुश रहते थे। बेटा बार-बार कैनेडा चल कर रहने के लिए बोलता था। लेकिन सरदारी लाल एक ही बात बोलते थे कि वे अपने दोस्तों के साथ यहीं रहेंगे। सरदारी लाल भाजपा पार्षद सेहबी आनंद के चाचा दादा हैं। कहा कि उनके द्वारा बड़े मसलों पर भी सटीक सलाह दी जाती थी।

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