पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भदभदा में तालाब के 7000 वर्गफीट पर कब्जा, कलेक्टर ने दिए मिट्‌टी हटाने के निर्देश

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भोपाल.   आखिरकार भदभदा में तालाब किनारे कब्रिस्तान की जमीन का बुधवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने सीमांकन किया। इसमें कब्रिस्तान के नाम पर 7 हजार वर्गफीट का अतिरिक्त कब्जा होने की बात सामने आई है। कलेक्टर सुदाम खाडे ने कब्रिस्तान कमेटी को निर्देश दिए कि अतिरिक्त जमीन पर डाली गई मिट्टी को स्वयं हटा लें। सीमांकन के बाद चूने की लाइन डाल दी गई है। 

 

सीमांकन में यह बात सामने आई कि वक्फ के रिकॉर्ड में खसरा नंबर 130 में एक एकड़ 44 डेसीमल यानी 55 हजार वर्गफीट जमीन पर मस्जिद और कब्रिस्तान है। जबकि मिट्टी डाल कर कब्रिस्तान कमेटी ने 62 हजार वर्ग फीट जमीन पर कब्जा कर लिया। तहसीलदार भुवन गुप्ता और आरआई राकेश पिप्पल ने कलेक्टर के निर्देश पर यह सीमांकन किया। शाम 5 बजे तक सीमांकन का काम पूरा हो सका। इसके बाद अधिकारियों ने कब्रिस्तान कमेटी को अतिरिक्त जमीन पर डाली गई मिट्टी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 29 मार्च को दैनिक भास्कर ने कब्रिस्तान के नाम पर तालाब के एफटीएल पर कब्जा करने का खुलासा किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने कब्रिस्तान कमेटी और वक्फ बोर्ड से दस्तावेज मांगे।

 

वक्फ के रिकाॅर्ड के आधार पर किया सीमांकन

टीटी नगर के एसडीएम संजय श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम के झील संरक्षण प्रकोष्ठ ने कब्जे की शिकायत की थी। हमारे रिकाॅर्ड में तो पूरी जमीन सरकारी है, लेकिन वक्फ बोर्ड ने वर्ष 2000 में कराए एक सर्वे के आधार पर यहां एक एकड़ 44 डेसीमल जमीन मस्जिद और कब्रिस्तान की बताई गई है। इसका नक्शा भी लगाया गया है। इस रिकाॅर्ड के आधार पर ही सीमांकन कराया गया है। कब्रिस्तान कमेटी ने कब्जा हटाने का आश्वासन दिया है। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम को एफआईआर कराने का भी अधिकार है।

 

बड़े तालाब का गहरीकरण...कलेक्टर और जिला प्रशासन के अफसरों ने किया श्रमदान
इसके पहले कलेक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सुबह दो घंटे तक भदभदा पर श्रमदान किया। नगर निगम की जेसीबी, पोकलेन और डंपर यहां दिन भर खुदाई में लगे हुए थे। बुधवार को 239 डंपर मिट्टी निकाली गई। यह लगभग 2868 घन मीटर होती है। शुक्रवार को राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता श्रमदान करेंगे। महापौर ने अपील की है कि जिन लोगों के पास जेसीबी और पोकलेन मशीनें हैं वे इस श्रमदान में अपना योगदान दें।

खबरें और भी हैं...