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बारिश में गाड़ी के टायर को स्किड और पंचर होने से बचाने के 3 टिप्स

एक्सपर्ट के मुताबिक टायर में 3mm के थ्रेड्स (टायर पर उठी हुई एक्स्ट्रा रबड़) का होना जरूरी है।

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 08:20 PM IST

ऑटो डेस्क। गर्मी और सर्दी के मौसम की तुलना में बारिश में कार ज्यादा स्किड होने लगती है। साथ ही, टायर के पंचर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। बारिश का मौसम लगभग 60 से 70 दिन तक रहता है। ऐसे में कार स्किड और पंचर नहीं हो, इसके लिए ज्यादा सावधानी दिखाने की जरूरत होती है। वैसे, इन दोनों प्रॉब्लम को ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन की टिप्स की मदद से कम किया जा सकता है।

गाड़ी स्किड और पंचर होने का कारण

1. बारिश का पानी जब सकड़ों पर भर जाता है तब गिट्टी की पकड़ कमजोर हो जाती है। ऐसे में जब सड़क से लगातार गाड़ियां निकलती हैं तब गिट्टी उखड़ जाती है। इसमें बहुत सारी बारिक गिट्टी भी होती है, जो कमजोर टायर में घुस जाती है और टायर पंचर हो जाता है।

2. सड़क की उखड़ी हुई गिट्टी पर टायर की ग्रिप कमजोर हो जाती है। ऐसे में जब गाड़ी ज्यादा स्पीड में होती है और ब्रेक लगाते हैं तब वो स्किड कर जाती है। गाड़ी स्किड होने की वजह से कई बार हादसे भी हो जाते हैं।

एक्सपर्ट ने बताए 3 टिप्स

1. कार के स्किड और पंचर होने का बड़ा कारण घिसे हुए टायर भी होते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक टायर में 3mm के थ्रेड्स (टायर पर उठी हुई एक्स्ट्रा रबड़) का होना जरूरी है। यदि टायर में इतना थ्रेड्स नहीं है तब उसे चेंज कर लेना चाहिए।

2. टायर में हवा का सही प्रेशर नहीं है तब भी टायर स्किड या पंचर हो सकता है। कार कंपनी जो रिकमंड करती है उतनी हवा ही टायर में रखना चाहिए। इसके लिए ड्राइवर डोर के पास हवा के प्रेशर का स्टीकर लगा होता है। साथ ही, कार गाइड बुक में भी हवा के प्रेशर का जिक्र होता है।

3. बारिश के दिनों में सड़क पर कार की रफ्तार कितना हो, ये बात भी काफी अहम है। एक्सपर्ट की मानें तो हाईवे पर 80km से ज्यादा की रफ्तार नहीं होना चाहिए। इस रफ्तार में गाड़ी पूरी तरह कंट्रोल में रहती है और स्किड होने के खतरे से भी बची रहती है।