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डाउनलोड करेंइंदौर. पहले पिता के वहशीपन और फिर पति की हरकतों से परेशान होकर जान देने की कोशिश करने वाली हनुमानगढ़ (राजस्थान) निवासी 25 वर्षीय मूक-बधिर युवती पर सितम कम नहीं हो रहे। अपने ऊपर हो रहे जुल्म की दास्तां दुनिया को बताने और पिता के खिलाफ केस दर्ज करवाने के बाद युवती को उसकी मां और अन्य परिजन प्रताड़ित करने लगे। मां ने तो उस पर दबाव बनाकर धारा-164 में दिए बयान भी पलटवा दिए और पिता को जमानत पर रिहा करवाकर उसे फिर परेशान करने लगे हैं। युवती घर छोड़कर मंगलवार को ट्रेन से इंदौर आ गई।
मंगलवार को ट्रेन से पहुंची इंदौर
शादी के छह दिन बाद ही 16 मार्च को युवती ने फांसी लगाने से पहले इंदौर पुलिस के मूक-बधिर पुलिस संस्थान के संचालकों से वीडियो चैट की थी। संचालकों ने मूक-बधिर शिक्षिका की मदद से चंद मिनटों की काउंसलिंग कर राजस्थान पुलिस के सहयोग से उसकी जान बचा ली। युवती को राजस्थान पुलिस की महिला सेल में सुरक्षित रखवाया गया था। संस्थान के संचालक ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया कि तब से ही युवती हमारे पास आने के लिए प्रयासरत थी। मंगलवार को वह ट्रेन से इंदौर आ गई। उसे डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र के समक्ष पेश कर हमने संस्थान में ही शेल्टर दिया है। उसका कहना है कि मर जाऊंगी लेकिन माता-पिता के पास वापस नहीं जाऊंगी।
मां बोलती- तूने पिता को जेल कराई है, समाज में बदनामी हुई है, हम भी मर जाएंगे
युवती ने इशारों में बताया कि पिता के खिलाफ केस दर्ज करवाने के बाद उसे मां यह कहकर प्रताड़ित करती थी कि तूने पिता को जेल कराई है। समाज में बदनामी हुई है। हम भी मर जाएंगे। तू बयान वापस ले लेगी तो पिता बच जाएंगे।
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