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कैश का संकट : ग्वालियर-दतिया की बैंकों के लिए मांगे 1500 करोड़ रुपए

3 वर्ष पहले
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ग्वालियर/दतिया.    अंचल के बैंकों में पिछले पंद्रह दिन से डिमांड के मुताबिक आरबीआई से कैश न मिलने से नगदी का संकट खड़ा हो गया है।। इसका असर शादी समारोह आैर अनाज मंडियों में फसल लेकर आ रहे किसानों पर पड़ रहा है। खासकर सर्वाधिक शाखाआें आैर एटीएम वाली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आैर सेंट्रल बैंक आफ इंडिया का खजाना खाली हो चुका है। इसके कारण शुक्रवार को कलेक्टर दतिया ने आरबीआई को पत्र लिखकर 500 करोड़ रुपए, शिवपुरी कलेक्टर ने करीब 200 करोड़ रुपए की डिमांड की है, ताकि जिले में किसानों आैर अन्य लोगों को कैश के संकट का सामना न करना पड़े। इससे पहले ग्वालियर कलेक्टर आरबीआई को पत्र लिखकर एक हजार करोड़ रुपए की डिमांड कर चुके हैं।

 

एसबीआई, सेंट्रल बैंक का खजाना खाली, यूको पीएनबी व बड़ौदा बैंक के एटीएम से निकालें पैसे 

 

शहर की बैंकों में अभूतपूर्व मुद्रा संकट पैदा हो गया है। खजाना खाली होने के कारण बैंक अपने एटीएम में पैसे नहीं जमा कर पा रही है। अधिकांश एटीएम खाली होने के कारण ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि आरबीआई ने पिछले पंद्रह दिन से बैंकों को डिमांड के मुताबिक कैश नहीं दिया है। इससे अंचल में नगदी संकट पैदा हो गया है। शादियों का सीजन और मंडियों में किसानों को कैश की कमी न हो इसे देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हुआ है। शहर में सबसे अधिक ब्रांचेज और एटीएम वाले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक का खजाना खाली हो चुका है। इसलिए यदि आपको कैश चाहिए तो पीएनबी, यूको और बड़ौदा बैंक के एटीएम से कैश निकाल सकते हैं। इन बैंकों के पास फिलहाल कैश की पर्याप्त उपलब्धता है। 


ग्वालियर में 32 बैंकों की 130 ब्रांचेज और उनके 250 एटीएम के लिए हर रोज 200 करोड़ रुपए नगदी चाहिए जबकि उपलब्धता 80 करोड़ रुपए है। बैंकों के  प्रबंधन के अनुसार आने वाले सप्ताह में सोमवार-मंगलवार को आरबीआई से कैश आने पर नगदी का यह संकट खत्म हो पाएगा। हालांकि बैंकों के इस संकट पर कलेक्टर ने हस्तक्षेप करते हुए आरबीआई से 1000 करोड़ रुपए भेजने की मांग की है।    

 

इन बैंकों की करेंसी चेस्ट के पास कैश की कमी   

 

 

- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया- बैंक की एक हजार करोड़ की लिमिट वाली स्कैब में 13 अप्रैल की स्थिति में 10 करोड़ बचे हैं। बैंक को शहर की 28 शाखाओं के कैश काउंटर (15 करोड़ रु.) और 165 एटीएम (25 करोड़ रु.) के लिए हर रोज 40 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। लेकिन उपलब्धता 15 करोड़ है।    

 

- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया- इसकी 100 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 10 करोड़ रुपए बचे हैं। बैंक को शहर की 10 शाखाओं के कैश काउंटर (07 करोड़ रु.) और 39 एटीएम (02 करोड़ रु.) के लिए हर रोज 09 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। लेकिन इतनी उपलब्धता नहीं है। बैंक ने आरबीआई को 60 करोड़ की डिमांड भेजी है।

 

इन बैंकों की करेंसी चेस्ट के पास पर्याप्त कैश   

 

- बैंक ऑफ बड़ौदा- इसकी 500 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 100 करोड़ रुपए हैं। बैंक को शहर की शाखाओं के कैश काउंटर और 15 एटीएम के लिए हर रोज 02 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। 

- यूको बैंक- इसकी 200 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 50 करोड़ रुपए हैं। बैंक को शहर की शाखाओं के कैश काउंटर और 10 एटीएम के लिए हर रोज 03 करोड़ 50 लाख रुपए चाहिए होते हैं। 

- पंजाब नेशनल बैंक- इसकी 50 करोड़ की लिमिट वाली करेंसी चेस्ट में 13 अप्रैल की स्थिति में 20 करोड़ रुपए हैं। बैंक को शहर की 10 शाखाओं के कैश काउंटर और 34 एटीएम के लिए हर रोज 07 करोड़ रुपए चाहिए होते हैं। बैंक ने आरबीआई को 25 करोड़ की डिमांड भेजी है।  

 

 

200 के नोट का प्रचलन बढ़ाने के लिए     दो हजार के नोट की सप्लाई रोकी  

 

बैंकिंग सूत्रों के अनुसार नगदी का यह संकट 200 रुपए के नोट के कारण खड़ा हुआ है। इस नोट का चलन बढ़ाने के लिए आरबीआई ने 500 और 2000 के नोट को भेजना बंद कर दिया है। कैश की सप्लाई नहीं होने से एटीएम भरने का काम भी प्रभावित हो रहा है। ग्वालियर में 250 एटीएम हैं। इनकी दैनिक डिमांड 70 करोड़ रुपए है। इस राशि की पूर्ति भी मुश्किल से हो रही है। जिसकी वजह से कई एटीएम बंद हैं। कैश भरने वाली एजेंसियों के अनुसार चेस्ट ने 2 हजार रुपए का नोट देना बंद कर दिया है। एसबीआई के 165 एटीएम हैं इनमें से 80 एटीएम, सेंट्रल बैंक के 39 में से 15 एटीएम पूरी तरह खाली हैं। जबकि बाकी एटीएम और अन्य बैंकों के आठ लाख कैपेसिटी के एटीएम में दो से तीन लाख के बीच कैश बचा है।  

 

इन स्थानों के एटीएम से निकाल सकते हैं कैश 

 

- यूको बैंक के हाईकोर्ट, दाल बाजार, गुड़ा-गुड़ी का नाका, दौलतगंज, छत्री बाजार, बिरला नगर, मुरार, गोला का मंदिर, कैंसर हॉस्पिटल, आईटीएम स्थित एटीएम से कैश निकाल सकते हैं। 

 

- बैंक ऑफ बड़ौदा के झांसी रोड, नया बाजार, मेला ग्राउंड, मुरार में दो, सांई बाबा मंदिर, अपोलो हॉस्पिटल, सराफा बाजार, पारस विहार स्थित एटीएम से कैश ले सकते हैं।  

 

- पीएनबी के एमपीसीटी कॉलेज, जयेंद्रगंज, सिटीसेंटर, सराफा बाजार, चावड़ी बाजार में तीन, नया बाजार, एजी ऑफिस, मुरार कैंट, ठाठीपुर, जीडीए कॉम्पलेक्स, एबी रोड चौराहा, मॉल रोड, विनयनगर सेक्टर वन, गोविंदपुरी, दीनदयाल नगर, गोला का मंदिर, यूनिवर्सिटी रोड, तानसेन रोड, एयरपोर्ट रोड, झांसी रोड आदि।   

 

एक हजार करोड़ की डिमांड के बदले 100 करोड़ रुपए मिलने की संभावना 

 

सरकारी क्षेत्र की बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा आरबीआई को भले ही एक हजार करोड़ की डिमांड भेजी है लेकिन ऐसी संभावना है कि आरबीआई सिर्फ 100 करोड़ रुपए की ही पूर्ति कर पाएगा। यह कैश सोमवार-मंगलवार तक आने की पूरी संभावना है।

 

 

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