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डाउनलोड करेंदेश के कई बड़े राज्यों के एटीएम में कैश ना होने की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा समस्या यूपी और मप्र में निकलकर आई है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समस्या को मानते हुए अधिकारियों से नजर बनाएं रखने के लिए कहा है तो वहीं मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एटीएम में कैश ना होने को कांग्रेस की साजिश बताया है। मामले को बढ़ता देख वित्तमंत्री अरुण जेटली ने टवीट करके मामले को साफ करने की कोशिश की है।
यूपी और मप्र के अलावा बिहार, झारखंड, तेलंगाना और गुजरात में भी कैश ना होने की समस्या बताई जा रही है। एटीएम में 2000 के नोट पूरी तरह से खत्म होने की खबरें हैं।
कांग्रेस की साजिश
मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि बाजार से 2000 रुपए के नोट गायब हो रहे हैं। इस बारे में उन्होंने केंद्र सरकार से बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इससे सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा है कि दो-दो हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है। यह षड्यंत्र है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कतें पैदा हों। सरकार इससे सख्ती से निपटेगी।"
बिहार-झारखंड में कैपेसिटी से 80% कम नगदी
- बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने नगदी की कमी के लिए मोदी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
- उन्होंने कहा कि बिहार-झारखंड में स्टेट बैंक के 110 करेंसी चेस्ट हैं, जिनकी क्षमता 12 हजार करोड़ रुपए की है, लेकिन यहां नकदी की उपलब्धता सिर्फ ढाई हजार करोड़ रुपए ही है। यानी कैपेसिटी से 80% कम नोट हैं।
- सिंह ने कहा कि मार्च 2018 में करेंसी चेस्टों की बैलेंस शीट के मुताबिक, बैंकों में 2000 रुपए के नोटों की संख्या कुल रकम का औसतन 10% ही रह गई है, जबकि कुल नगदी में इनकी 50% हिस्सेदारी है।
सक्रिय हुई केंद्र सरकार
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "देश में नकदी के हालात की समीक्षा की जा चुकी है। कुल मिलाकर पर्याप्त नकदी चलन में है। बैंकों में पर्याप्त कैश है। कुछ जगहों पर कमी इसलिए हुई, क्योंकि कुछ जगहों पर मांग अचानक बढ़ी। इस पर जल्द ही नियंत्रण पाया जाएगा।"
- केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने भी कहा - "अभी हमारे पास 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए की कैश करंसी है। एक समस्या है कि कुछ राज्यों के पास कम करंसी है, जबकि अन्य राज्यों के पास ज्यादा। सरकार ने राज्य स्तर पर कमेटी बनाई है। वहीं, आरबीआई ने भी नोटों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए कमेटी बनाई है। कैश ट्रांसफर किया जा रहा है। यह परेशानी दो दिन में खत्म हो जाएगी।"
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