पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कैश संकट पर ग्राउंड रिपोर्ट: देश के 10 राज्यों में 70% से ज्यादा एटीएम खाली, RBI ने कहा- लॉजिस्टिक वजहों से हुई कमी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली.   देशभर में बुधवार को अक्षय तृतीया मनाई जा रही है। शादी के सबसे शुभ मुहूर्त के साथ लोग आज के दिन सोना-चांदी की खरीदारी भी करते हैं। इस बीच देश के कई राज्यों में नकदी की भारी किल्लत देखी जा रही है। एटीएम में नकदी खत्म हो गई है। पिछले 48 घंटों से देश में हड़कंप मचा हुआ है। राजधानी दिल्ली में भी मंगलवार को लोग पैसे निकालने के लिए भटकते रहे। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में नकदी की किल्लत देखने को मिल रही है। गुजरात समेत कई राज्यों के बैंकों में नकदी निकालने की लिमिट भी तय कर दी है। हालांकि, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दावा किया कि देश में कैश की कोई कमी नहीं है, जो भी दिक्कत है, उसे एक हफ्ते में दूर कर लिया जाएगा। नकदी संकट से जूझ रहे राज्यों से भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट...

 

 

आरबीआई ने कहा- पर्याप्त नकदी है 

- आरबीआई का कहना है कि उसके पास पर्याप्त नकदी है। लॉजिस्टिक वजहों से कुछ राज्यों में एटीएम में नकदी भरने और कैलिब्रेशन की प्रक्रिया जारी रहने से दिक्कतें हैं। फिर भी सभी चार नोट प्रेसों में छपाई तेज कर दी गई है। 

- संदेह है कि दो हजार के नोटों की जमाखोरी हो रही। निपटने को 500 के नोटों की छपाई 5 गुना बढ़ाई जाएगी।

 

13 दिन में कैश डिमांड दोगुनी होने से 8 राज्यों में नकदी का संकट, नोटों की प्रिंटिंग 5 गुना बढ़ाएगी सरकार

 

बिहार: मांग का 35% ही सप्लाई हो रहा, बैंककर्मियों को बंधक बनाया

- बिहार में मांग से 35% तक ही करेंसी सप्लाई हो रही है। औरंगाबाद जिले में कैश नहीं मिलने पर लोगों ने सड़क जाम कर दी। नवीनगर में भीड़ ने पीएनबी पर ताला जड़ दिया। एक घंटे बैंककर्मी बंधक बने रहे। पटना के 1500 में से 650 एटीएम ठप हैं। जो चल रहे हैं, उनमें भी अक्सर कैश नहीं रहता। एसबीआई के एक कैश मैनेजर ने बताया कि नकदी जमा करने वाले कम और निकालने वाले अधिक आ रहे हैं। 10 साल में पहली बार ऐसा ट्रेंड दिखा है।

 

गुजरात: सूरत में नकदी निकासी पर बैंकों में 50 हजार तक की लिमिट

- दक्षिण गुजरात के 2250 में से 80 से 85% एटीएम खाली हैं। सूरत में बैंकों ने करंट और सेविंग अकाउंट के लिए लिमिट 25 से 50 हजार रुपए तय कर दी है। एक बड़ी बैंक के मैनेजर एलटी सोलंकी कहते हैं कि 30 से 35% एटीएम में कैश नहीं है। एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा कि आरबीआई डिमांड से आधे पैसे ही भेज रहा है। राज्य में एसबीआई, पीएनबी और बीओबी सहित अन्य नेशनलाइज्ड बैंकों में नकदी संकट ज्यादा है। सहकारी बैंकों से नकदी लेकर जरूरत पूरी की जा रही है। राजकोट के 612 बैंकाें से से 183 में नकदी संकट है। कुल 434 एटीएम में से 40 बंद हैं। 90 एटीएम में कैश की किल्लत स्थायी है। ग्रामीण और ट्राइबल इलाकों में ज्यादा संकट है।

 

राजस्थान: राज्य में 8,335 एटीएम हैं, इनमें 70% से ज्यादा में कैश है

- प्रदेश में कुल 8,335 एटीएम हैं। इनमें से 70 फीसदी से ज्यादा काम कर रहे हैं, यानी कैश की कोई किल्लत नहीं है। बाकी जिन एटीएम में समस्या है, उसे अगले 10 दिन में सुधारने की बात कही जा रही है। बुधवार को सरकार के स्तर पर बुलाई गई बैठक में एटीएम में नगदी पर चर्चा की जाएगी।

 

झारखंड: भास्कर ने 17 जिलों के 445 एटीएम जांचे तो 272 खाली मिले

- झारखंड के 17 जिलों के 445 एटीएम की भास्कर ने जांच की तो 272 खाली मिले। झारखंड में 43 बैंकों के 3972 एटीएम हैं। इनमें 700 से अधिक एसबीआई के हैं। नकदी की किल्लत का आलम यह है कि एसबीआई की रांची ब्रांच की लिमिट 1600 करोड़ रुपए है, लेकिन मंगलवार को बैंक में मात्र 52 करोड़ रुपए थे।

 

महाराष्ट्र: ज्यादातर जिलों में एटीएम खाली 

-एटीएम मे 500 और 200 के नोटों की किल्लत है। 2000 और 100 के नोट मिल रहे हैं। हालांकि बैंकों का कहना है कि कैश की कोई किल्लत नहीं है।

 

छत्तीसगढ़: कई इलाकों में एटीएम तीन से चार घंटे ही चालू  

-ज्यादातर इलाकों में 90 से 95 फीसदी एटीएम में कैश नहीं छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 90 से 95 फीसदी कैश की किल्लत के चलते सूखे हैं। कोरबा स्थित एसबीआई के चेस्ट में दिसंबर 2017 से करेंसी नहीं आई है। जनवरी में यहां 400 करोड़ की करेंसी और सिक्के आए थे। बैकुंठपुर में 10 फीसदी एटीएम ही तीन-चार घंटे चालू रहते हैं।

 

मध्यप्रदेश: जमा-निकासी का अंतर रोजाना 700 करोड़ रुपए तक पहुंचा

- जमा-निकासी का अंतर रोजाना 700 करोड़ रुपए तक पहुंचा प्रदेश में आधे एटीएम खाली हैं। जमा और निकासी का अंतर रोजाना 700 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। मंडियों में हो रही सरकारी खरीद के बदले बैंकों को अप्रैल-मई में मप्र सरकार की ओर से 30,000 करोड़ रुपए बांटने हैं। अब तक बैंक केवल 4000 करोड़ रुपए ही बांटे गए हैं।

 

पंजाब: पंजाब के ज्यादातर शहरोें में करेंसी की समस्या नहीं है। हां, ग्रामीण इलाकों में कुछ दिक्कत जरूर है। जालंधर, अमृतसर, बठिंडा और लुधियाना जैसे बड़े शहरों में कोई समस्या नहीं है। 

 

खबरें और भी हैं...