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फूड सीरीज -1 : घी शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता से जानें घी कौनसा, कितना और कैसे लें

दूध की मलाई से तैयार किया जाने वाला देसी घी सबसे बेहतर है।

Dainik Bhaskar

Jun 29, 2018, 04:26 PM IST
यह स्किन को बेहतर बनाने के साथ मेमोरी को भी शॉर्प करता है। ऐसे लोग जो कब्ज से परेशान हैं उनके लिए भी यह फायदेमंद है। यह स्किन को बेहतर बनाने के साथ मेमोरी को भी शॉर्प करता है। ऐसे लोग जो कब्ज से परेशान हैं उनके लिए भी यह फायदेमंद है।

हेल्थ डेस्क. चावल के बाद घी दूसरी ऐसी चीज है जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को कई गलतफहमियां हैं। उनका मानना है कि घी सिर्फ शरीर में फैट और हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है। जबकि यह बात पूरी तरह सच नहीं है। सबसे जरूरी बात है कि घी कौन सा खाया जा रहा है, कितना ले रहे हैं और खाने वाला शारीरिक रूप से कितना एक्टिव है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानते हैं यह शरीर के लिए कितना जरूरी है और इससे जुड़े भ्रम व तथ्य...

सवाल: घी शरीर के लिए जरूरी क्यों है?
जवाब:
भारत में घी एक विरासत की तरह है। यह स्किन को बेहतर बनाने के साथ मेमोरी को भी शॉर्प करता है। ऐसे लोग जो कब्ज से परेशान हैं उनके लिए भी यह फायदेमंद है। यह स्किन को चमकदार बनाता है, जोड़ों में घर्षण पैदा करता है ताकि वे आसानी से मूव कर सकें। इसके अलावा इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और दिल को सेहतमंद रखने के साथ कैंसर के खतरे को कम करता है। शरीर में विटामिन-डी एब्जॉर्ब हो इसके लिए डाइट में घी जरूर शामिल करें। घी ब्लड शुगर को रेग्युलेट करने के साथ मेटाबॉलिक डिसआॅर्डर का रिस्क कम करता है। साथ ही खाने के साथ मिलकर उसका ग्लाइसीमिक इंडेक्स घटाता है। इसलिए इसे डायबिटीज और मोटापे से परेशान लोग भी इसे ले सकते हैं।

सवाल: मार्केट में कई तरह के घी मौजूद हैं, कौन सा लेना बेहतर है?
जवाब:
दूध की मलाई से तैयार किया जाने वाला देसी घी सबसे बेहतर है। यह इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह देसी गाय के दूध से तैयार किया जाता है। गाय के खाने में ज्यादातर हरी सब्जियां या पत्तियां शामिल होती हैं इसलिए इसके दूध से तैयार घी अधिक फायदेमंद है। ये न उपलबध होने पर भैंस के दूध से तैयार घी भी ले सकते हैं। दोनों तरह का घी न उपलब्ध होने के बाद ही जर्सी गाय के दूध से तैयार घी लें।

सवाल: घी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब:
सबसे जरूरी बात है कि घी ऐसा होना चाहिए जो दूध से मलाई और मलाई से तैयार मक्खन को मथकर बनाया गया हो न कि मलाई जो पकाकर। इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू ज्यादा होती है।

सवाल: घी डाइट में किस रूप में शामिल करना चाहिए?
जवाब:
शुद्ध घी को किसी भी रूप में खाया जा सकता है। घी का इस्तेमाल डीप फ्राय करने, तड़का लगाने या फिर दाल-रोटी और परांठा बनाने में कर सकते हैं। पंजे और माथे पर इसे लगाने से ये रिलैक्सेशन प्रदान करता है जिससे नींद अच्छी आती है। इसका स्मोकिंग प्वाइंट हाई होने के कारण इसे गर्म करने पर पोषक तत्व खत्म नहीं होते।

सवाल: घी हमेशा से ही बहस का विषय रहा है कि यह ओवरवेट लोगों के लिए कितना सही है और क्या यह हृदय रोगों का कारण बनता है, यह कितना सही है?
जवाब:
बहस इसलिए होती रही है क्योंकि लोग घी और सेचुरेटेड फैट को लेकर भ्रमित रहते हैं। लेकिन लोगों में अवेयरनेस बढ़ रही है और समझ पा रहे हैं कि हर तरह का फैट बुरा नहीं होता। सभी सेचुरेटेड फैट एक जैसे नहीं होते। घी में विशेष कार्बन संरचना पाई जाती है जो इसमें मौजूद गुणों के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा इसमें एंटीआॅक्सीडेंट्स, कंजुगेटेड लाइनोलिक एसिड और विटामिन-ए, ई और डी पाया जाता है जो दिल को सेहतमंद रखता है।

सवाल: घी क्यों फायदा करता है?
जवाब: इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल प्रॉपर्टी होने के कारण संक्रमण से बचाता है। साथ ही इसमें एंटीआॅक्सीडेंट्स होने के कारण एंटीएजिंग थैरेपी की तरह काम करता है। अधिक स्ट्रेस होने की स्थिति में लिवर कोलेस्ट्रॉल रिलीज करता है ऐसे में घी लेने पर एंटी-स्ट्रेस फूड की तरह काम करता है। साथ ही अनिद्रा की शिकायत दूर करता है।

सवाल: डाइट में इसे कितना शामिल करना चाहिए?
जवाब:
शुद्ध घी डाइट में टैस्ट के अनुसार शामिल करना चाहिए। लेकिन ध्यान रखें इसकी मात्रा बहुत अधिक नहीं होनी चाहिए। दिनभर में ली जाने वाली डाइट में 4—5 चम्मच शामिल सकते हैं। ​अगर फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा करते हैं तो इसकी मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं।

घी ब्लड शुगर को रेग्युलेट करने के साथ मेटाबॉलिक डिसआॅर्डर का रिस्क कम करता है। घी ब्लड शुगर को रेग्युलेट करने के साथ मेटाबॉलिक डिसआॅर्डर का रिस्क कम करता है।
घी का इस्तेमाल डीप फ्राय करने, तड़का लगाने या फिर दाल—रोटी और परांठा बनाने में कर सकते हैं। घी का इस्तेमाल डीप फ्राय करने, तड़का लगाने या फिर दाल—रोटी और परांठा बनाने में कर सकते हैं।
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यह स्किन को बेहतर बनाने के साथ मेमोरी को भी शॉर्प करता है। ऐसे लोग जो कब्ज से परेशान हैं उनके लिए भी यह फायदेमंद है।यह स्किन को बेहतर बनाने के साथ मेमोरी को भी शॉर्प करता है। ऐसे लोग जो कब्ज से परेशान हैं उनके लिए भी यह फायदेमंद है।
घी ब्लड शुगर को रेग्युलेट करने के साथ मेटाबॉलिक डिसआॅर्डर का रिस्क कम करता है।घी ब्लड शुगर को रेग्युलेट करने के साथ मेटाबॉलिक डिसआॅर्डर का रिस्क कम करता है।
घी का इस्तेमाल डीप फ्राय करने, तड़का लगाने या फिर दाल—रोटी और परांठा बनाने में कर सकते हैं।घी का इस्तेमाल डीप फ्राय करने, तड़का लगाने या फिर दाल—रोटी और परांठा बनाने में कर सकते हैं।
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