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डाउनलोड करेंइंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी का कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) मंगलवार को इंदौर के 23 केंद्रों सहित देशभर के 26 अन्य शहरों में हुआ। यह ऑनलाइन टेस्ट यूनिवर्सिटी के आईएमएस, आईआईपीएस, स्कूल ऑफ लॉ, कॉमर्स, फार्मेसी, इकोनॉमिक्स, एसजेएमसी और ईएमआरसी सहित लगभग 16 विभागों में एडमिशन के लिए यह परीक्षा हुई। 48 कोर्स की 2653 सीटों के लिए हुई परीक्षा में लगभग 17 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। दो शिफ्ट में हुए टेस्ट की पहली शिफ्ट सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2 से 3.30 बजे तक थी। दोनों शिफ्ट में छात्रों को दो घंटे पहले सेंटर में पहुंचना था।
बी वोक काेर्स भी इस बार सीईटी में
- इस बार पंडित दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र में चल रहे विशेष कोर्स और कुछ विभागों के बैचलर ऑफ वोकेशनल (बी वोक) डिग्री कोर्स भी इस बार सीईटी का हिस्सा हैं। ग्रुप ए में 21, बी में 14, सी में 4 और ग्रुप डी में 9 कोर्स हैं।
- सीईटी चेयरमैन डॉ. अनिल कुमार के अनुसार परीक्षा के दौरान हर केंद्र पर हमारी टीम मौजूद थी। हम लगातार हर टीम से संपर्क में थे। इसके लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया था।
- कुलपति प्रो. नरेंद्र धाकड़ ने कहा कि यह पहली बार होगा, जब समय से पहले न केवल यूटीडी में एडमिशन शुरू हो जाएंगे, बल्कि तय समय पर पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी।
यह जानना जरूरी: साथ लेकर जाना था आईडी प्रूफ
- छात्रों को परीक्षा के दौरान एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या अन्य मान्य फोटो आईडी ले जाना अनिवार्य था।
गड़बड़ी : कई छात्रों के एडमिट कार्ड में डाल दिया सुबह के बजाय दोपहर का समय
- सीईटी के एडमिट कार्ड में गलत समय डाल दिए जाने पर बखेड़ा खड़ा हो गया। कई छात्रों के एडमिट कार्ड में सुबह की शिफ्ट के बजाय दोपहर का समय प्रिंट हो गया। यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना था कि इसके लिए हमने उन छात्रों को ई-मेल, एसएमएस कर दिए थे। वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी अपलोड की गई थी। इसके अलावा भी छात्रों तक फोन कॉल के जरिए जानकारी पहुंचाई गई थी। हालांकि अब यह कहा जा रहा है कि जिन छात्रों ने एसएमएस नहीं देखा होगा या उन तक तकनीकी कारण से एसएमएस नहीं पहुंचा होगा तो क्या उन्हें दोबारा परीक्षा का मौका मिलेगा। पिछले साल भी सीईटी में एक सेंटर पर तकनीकी समस्या और तीन दिन तक काउंसलिंग प्रभावित होने के कारण प्रबंधन की खासी किरकिरी हुई थी।
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