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डाउनलोड करेंचंडीगढ़/जालंधर. कीड़ी अफगाना स्थित चड्ढा शुगर मिल से छोड़े गए लाखों लीटर शीरे के मामले में वाइल्ड लाइफ विभाग ने सीधे बटाला कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ केस दायर कर चालान पेश कर दिया है। वहीं, अमृतसर जिला प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं दिख रहा है। कोर्ट ने याचिका मंजूर कर सुनवाई 21 मई को तय कर दी है। दूसरी तरफ पता चला है कि ब्यास में छोड़े गए सभी घड़ियाल सुरक्षित हैं। प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर कुलदीप कुमार ने बताया कि ब्यास में छोड़े गए 2,000 क्यूसिक पानी से दूषित पानी तो साफ हुआ है, लेकिन शीरा युक्त पानी अब हरीके में आकर रुक गया है। ऐसे में यहां मछलियों और जीवों के लिए खतरा बना हुआ है।
रिपोर्ट पर 21 आॅब्जेक्शन लगाए गए
बटाला के कीड़ी अफगाना स्थित चड्ढा शुगर मिल से 17 मई को लीक हुए लाखों लीटर शीरे के ब्यास में मिलने से लाखों मछलियों और जीवों की मौत हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से पुलिस कार्रवाई से पहले मांगी गई कानूनी राय में इस रिपोर्ट पर 21 आॅब्जेक्शन लगाए गए हैं, जिससे कार्रवाई में देर हो रही है। हालांकि, वाइल्ड लाइफ के प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर कुलदीप कुमार का कहना है कि वह इन 21 ऑब्जेक्शन्स को दूर करेंगे। ताकि इस मामले में जल्द कार्रवाई हो सके।
तीसरे दिन कर्मोवाल के पास दिखीं 2 डाॅल्फिन
शनिवार शाम गांव कर्मोवाल के पास दो डाॅल्फिन दिखीं। पानी प्रदूषित होने के बाद से 12 से ज्यादा डाॅल्फिन लापता थीं। 35 गोताखोर लगातार इनकी तलाश कर रहे थे। प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर का कहना है कि डाॅल्फिन इतनी आसानी से नहीं मरती। ये पानी से बाहर आकर सांस लेती है।
कानून: 3 साल कैद संभव
वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत पर्यावरण खराब करने, पानी में जहरीला पदार्थ छोड़ने (जिससे जीव-जंतुओं को हानि पहुंचे) के तहत केस दर्ज होता है। इसमें 3 साल कैद, 25 हजार जुर्माना हो सकता है।
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