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चाणक्य नीतिः 5 बातें जो कहीं भी रहने से पहले अच्छी तरह जांच लेनी चाहिए

हर इंसान की तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि वो किस तरह की जगह पर रह रहा है।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 04:30 PM IST

रिलिजन डेस्क. हर इंसान की तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि वो किस तरह की जगह पर रह रहा है। अपने रहने के लिए जगह चुनते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर हम बिना सोचे-समझे किसी भी जगह बस जाते हैं तो मुश्किलें शुरू हो सकती हैं। आजकल जो लोग एक शहर से दूसरे शहर या राज्यों में जाकर घर बसाते हैं उन्हें ये बातें खास तौर पर ध्यान रखनी चाहिए। किसी जगह पर घर बनाने या बसने से पहले कम से कम 5 बातों का ध्यान हर हाल में रखना ही चाहिए। इससे वहां बसने में परेशानी नहीं होती।

आचार्य चाणक्य ने ऐसी ही पांच बातों के बारे में कहा है कि जहां ये पांच या इनमें से कोई एक ना हो, वहां घर नहीं बसाना चाहिए। हमें कहां रहना चाहिए और कहां नहीं, किन स्थानों से हमें तुरंत हट जाना चाहिए। इस संबंध में चाणक्य ने कहा है कि-

यस्मिन देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बांधव:।

न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।।

अर्थ - जहां ना तो सम्मान हो, न रोजगार हो, न कोई दोस्त या रिश्तेदार हो, जहां शिक्षा न हो, जहां लोगों में कोई गुण न हो, ऐसी जगहों पर घर नहीं बनाना चाहिए। इन जगहों को तुरंत छोड़ देना चाहिए।

जहां कोई सम्मान ना हो - जिस जगह आपका सम्मान ना हो, कोई आदर ना करे, वैसी जगह पर नहीं रहना चाहिए।

जहां रोजगार ना हो - जिस जगह रोजगार का कोई साधन ना हो, ऐसी जगह कितनी भी सुंदर क्यों ना हो, उसे छोड़ देना चाहिए।

जहां कोई अपना ना हो - जिस जगह आपका कोई रिश्तेदार या कोई दोस्त भी ना हो उस जगह को फौरन त्याग देना चाहिए।

जहां शिक्षा ना हो - जिस जगह शिक्षा के साधनों की कमी हो, जहां पढ़ाई-लिखाई को कम महत्व मिलता है, उस जगह को भी छोड़ देना चाहिए।

जहां कोई गुण ना हो - जिस जगह आपके सीखने के लिए कोई गुण ना हो, लोगों में गुणों का अभाव हो, उस जगह को भी छोड़ देना चाहिए।