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6 हालात, जिनमें हमारा साथ देने वाला ही होता है सच्चा साथी

दोस्तों का हुजूम तो बड़ा होता है लेकिन जब भी मुसीबत आती है तो गिनती के लोग ही उस परेशानी में हमारे साथ खड़े होते है।

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 06:42 PM IST

रिलिजन डेस्क. अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि वक्त पड़ने पर लोग उनके काम नहीं आते। दोस्तों का हुजूम तो बहुत बड़ा होता है लेकिन जब भी मुसीबत आती है तो गिनती के लोग ही उस परेशानी में हमारे साथ खड़े होते हैं। हमारे धर्मग्रंथों में इस बात की तरह साफ संकेत किया है कि अपने लोगों की पहचान कैसे की जाए। अगर हम कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखें तो ये आसानी से समझा जा सकता है कि कौन हमारे साथ है, कौन नहीं।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में इस बात का भी उल्लेख किया है कि किस परिस्थिति में हमारे साथ किसका कैसा व्यवहार है, उससे हम अपने-पराए लोगों की पहचान कर सकते हैं। कौन व्यक्ति हमारा कितना हितैषी है, यह समय आने पर ही मालुम होता है। अपने-पराए लोगों की परख करने के लिए आचार्य चाणक्य ने कुछ खास बातें बताई हैं।

उनकी नीति कहती है-

आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षेत्र शत्रुसंकटे।

राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बांधव:।

अर्थ - जो व्यक्ति आपकी बीमारी में, दुख में, अकाल में, दुश्मन के कोई संकट खड़ा करने पर, शासकीय कार्यों में, शमशान में ठीक समय पर आ जाए वही इंसान आपका सच्चा हितैषी हो सकता है।

जब कोई व्यक्ति किसी भयंकर बीमारी से ग्रस्त हो और उस जो लोग उसका साथ देते हैं वे ही उसके सच्चे हितैषी होते हैं। जब जीवन में कोई भयंकर दुख आ जाए या कोई मुकादमा, कोर्ट केस में फंस जाए तब जो इंसान गवाह के रूप में साथ देता है वही मित्र कहलाने का अधिकारी होता है। इसके अलावा मृत्यु के समय पर जो व्यक्ति उपस्थित हो जाए वही सच्चा मित्र होता है। जब किसी शासकीय कार्य में कोई अड़चन आ जाए और जो मित्र आपका साथ दे वही सच्चा इंसान है।

ये 6 हालात ऐसे हैं जहां आपका सच्चा दोस्त या रिश्तेदार ही साथ दे सकता है। अत: जो इन स्थितियों में आपका साथ देता है उनसे मित्रता कभी भी नहीं तोड़ना चाहिए। सदैव उनसे स्नेह रखें।