--Advertisement--

किसी पर किया गया जरूरत से ज्यादा भरोसा भी आपको मुसीबत में डाल सकता है, हर किसी से कुछ बातें छिपाकर रखना ही समझदारी है

नंदवंश के राजा धनानंद को सत्ता से हटाकर चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाने वाले चाणक्य का एक नाम विष्णु गुप्त भी था।

Dainik Bhaskar

Jul 15, 2018, 12:59 PM IST
chanakya niti tells do not trust everybody you know

रिलिजन डेस्क. राजनीति और अर्थशास्त्र के महान नीतिकारों में चाणक्य का नाम सबसे आगे है। नंदवंश के राजा धनानंद को सत्ता से हटाकर चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाने वाले चाणक्य का एक नाम विष्णु गुप्त भी था। अर्थशास्त्र के विद्वान चणक का पुत्र होने के कारण उन्हें चाणक्य कहा जाता था। इन्हें ही आचार्य विष्णु शर्मा भी कहा गया है। इतिहास बताता है कि विष्णु शर्मा के नाम से पंचतंत्र की रचना की। पंचतंत्र पांच भागों का ग्रंथ है, जिसमें जानवरों और गांवों की कहानियों के जरिए नीति और ज्ञान की बातें कही हैं, जिससे इंसान आसानी से जीवन की कई गहरी बातें सीख सकता है। इसी पंचतंत्र में आचार्य चाणक्य ने कुछ श्लोकों में ये बताया है कि कैसे किसी पर किस सीमा तक भरोसा करना चाहिए। अपनी कौन सी बातें लोगों के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। अगर आप किसी पर भरोसा करते भी हैं तो कुछ बातें कभी भी उनसे शेयर नहीं करनी चाहिए.
पंचतंत्र की दो नीतियां...
न विश्वसेदविश्वस्ते विश्वस्तेऽपि न विश्वसेत् ।
विश्वासाद्भयमुत्पन्नं मूलान्यपि विकृन्तति।।

अर्थ - जो भरोसे के योग्य ना हो, उस पर भरोसा नहीं करना समझदारी है। लेकिन, जो भरोसे के लायक हो उस पर भी अत्यधिक भरोसा करना आपको कमजोर बना सकता है। अतः लोगों पर उतना ही भरोसा करना चाहिए, जितने में आपके जीवन पर संकट ना आए। किसी पर भी अति-विश्वास करना आपको मुसीबत में डाल सकता है।
अर्थनाशं मनस्तापं गृहे दुश्चरितानि च ।
वञ्चनं चापमानं च मतिमान्न प्रकाशयेत्।।

अर्थ - पैसों का नुकसान, मन की चिंता, घर की गुप्त बातें, खुद का ठगा जाना और अपमान, बुद्धिमान लोग इन बातों को किसी को नहीं बताते हैं।
दोनों श्लोकों का भावार्थ ये ही है कि आपको किसी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए, अपनी कुछ बातों को गुप्त ही रखना चाहिए। वरना, आप उस शख्स के सामने कभी भी कमजोर पड़ सकते हैं।

X
chanakya niti tells do not trust everybody you know
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..