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बैंक चंदा कोचर के खिलाफ स्वतंत्र होगी: आईसीआईसी, वीडियोकॉन को 3250 करोड़ का लोन देने का मामला

आईसीआईसीआई ने कहा कि जांच का दायरा व्यापक होगा।

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 06:58 PM IST
वीडियोकॉन को लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई ने पहले चंदा कोचर को क्लीनचिट दी थी। - फाइल वीडियोकॉन को लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई ने पहले चंदा कोचर को क्लीनचिट दी थी। - फाइल

  • व्हिसल ब्लोअर के मुताबिक, वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपए के लोन का करीब 86% नहीं चुकाया
  • इस मामले में पिछले हफ्ते सेबी ने आईसीआईसीआई बैंक और चंदा कोचर को नोटिस भेजा था

मुंबई. प्राइवेट सेक्टर में देश का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई अपनी सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ जांच कराएगा। कर्जदारों से बैंक के हितों के टकराव और फायदा पहुंचाने के व्हिसल ब्लोअर के आरोपों के बाद बैंक बोर्ड ने ये फैसला लिया। वीडियोकॉन लोन मामले में चंदा कोचर और उनके परिवार के सदस्यों की मिलीभगत का आरोप है। पिछले हफ्ते सेबी ने चंदा कोचर को को इस संबंध में नोटिस भेजा था।

विश्वसनीय और स्वतंत्र शख्स करेगा जांच- आईसीआईसीआई
बोर्ड ने मंगलवार को मीटिंग के बाद स्वतंत्र जांच का फैसला लिया। कहा- जांच स्वतंत्र और विश्वसनीय शख्स करेगा। जांच का दायरा विस्तृत होगा और इसमें सभी संबधित विषयों को शामिल किया जाएगा। जहां और जब जरूरत पड़ेगी फॉरेंसिक और ई-मेल की जांच की जाएगी। इससे जुड़े हुए लोगों के बयान भी रिकॉर्ड किए जाएंगे।

चंदा कोचर पर क्या आरोप हैं?
- व्हिसल ब्लोअर ने आरोपों में कहा कि बैंक की सीईओ कोचर ने बैंक के कुछ तय ग्राहकों और कर्जदारों के साथ लेन-देन के दौरान बैंक की आचार संहिता और कानूनी-नियामक प्रावधानों का पालन नहीं किया। ऐसा उनके और कर्जदारों के हितों के टकराव और एक-दूसरे को फायदा पहुंचाने के मद्देनजर किया गया।
- आरोप है कि वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई ने 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया और इसका करीब 86% यानी 2810 करोड़ रुपए नहीं चुकाया गया। 2017 में लोन को एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट्स) घोषित कर दिया गया।
- इसी दौरान वीडियोकॉन ग्रुप के मालिक वेणुगोपाल धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ मिलकर एक कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड बनाई। दीपक कोचर को इस कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया। जनवरी 2009 में धूत ने इस कंपनी में डायरेक्टर का पद छोड़ दिया। उन्होंने ढाई लाख रुपए में अपने 24,999 शेयर्स भी न्यूपावर में ट्रांसफर कर दिए। मार्च 2010 में धूत ने न्यूपावर कंपनी को अपने ग्रुप की कंपनी सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 64 करोड़ रुपए का लोन दिया। इसके बाद धूत ने कोचर की न्यूपावर कंपनी को लोन देने वाली सुप्रीम एनर्जी में अपनी हिस्सेदारी महेशचंद्र पुंगलिया को दे दी। पुंगलिया ने धूत से मिली सुप्रीम एनर्जी कंपनी की हिस्सेदारी दीपक कोचर की अगुआई वाले पिनैकल एनर्जी ट्रस्ट के नाम कर दी। 94.99 फीसदी होल्डिंग वाले ये शेयर्स महज 9 लाख रुपए में ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह सुप्रीम एनर्जी से मिले 64 कराेड़ रुपए के लोन के मायने नहीं रह गए।

आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड ने चंदा कोचर को दी क्लीन चिट
- इससे पहले आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड ने एक बयान जारी कर कहा था कि उसे बैंक की एमडी चंदा कोचर पर पूरा भरोसा है। मीडिया में आई खबरें महज अफवाह हैं।

आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा ने कहा था कोचर लोन को मंजूरी देने वाली क्रेडिट कमेटी में शामिल थीं, लेकिन वो इसकी चेयरपर्सन नहीं थीं।  - फाइल आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा ने कहा था कोचर लोन को मंजूरी देने वाली क्रेडिट कमेटी में शामिल थीं, लेकिन वो इसकी चेयरपर्सन नहीं थीं। - फाइल
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वीडियोकॉन को लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई ने पहले चंदा कोचर को क्लीनचिट दी थी। - फाइलवीडियोकॉन को लोन देने के मामले में आईसीआईसीआई ने पहले चंदा कोचर को क्लीनचिट दी थी। - फाइल
आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा ने कहा था कोचर लोन को मंजूरी देने वाली क्रेडिट कमेटी में शामिल थीं, लेकिन वो इसकी चेयरपर्सन नहीं थीं।  - फाइलआईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा ने कहा था कोचर लोन को मंजूरी देने वाली क्रेडिट कमेटी में शामिल थीं, लेकिन वो इसकी चेयरपर्सन नहीं थीं। - फाइल
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