• Hindi News
  • National
  • आठ साल से अटका था चौड़ीकरण, एक घंटे की मोहलत के बाद चला बुलडोजर

आठ साल से अटका था चौड़ीकरण, एक घंटे की मोहलत के बाद चला बुलडोजर

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आमापारा से तेलघानी नाका की ओर जाने वाली सड़क के अवैध कब्जों पर प्रशासन ने शनिवार को बुडोजर चला दिया। कब्जों के कारण सड़क आठ साल से अटकी थी। तालाब के पार पर कब्जा कर लोगों ने पक्के मकान और दुकानें बना ली थीं। कब्जे हटाने के लिए सात बार तोड़फोड़ दस्ता जा चुका था। इस बार प्रशासन ने चुपचाप 24 घंटे पहले सभी को नोटिस दिया। लोगों ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ सुबह 6 बजे पहुंचे। पूरे इलाके को सील किया और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। चार जेसीबी मशीनों से एक साथ तोड़फोड़ शुरू कर दी।

प्रशासन ने तैयारी ऐसी थी कि कोई हस्तक्षेप नहीं कर सका। किसी को कुछ करने का मौका ही नहीं मिला। जिनके कब्जे टूट रहे थे, उन्हें खबर लग गई। वे आनन-फानन में भागकर आए। कुछ लोगों ने सामान बाहर निकालने का आग्रह किया। उन्हें एक घंटे की मोहलत दी गई। उस दौरान भी तोड़फोड़ जारी रखी गई। आमापारा बाजार के ठीक सामने के 24 पक्के मकानों और दुकानों को ढहा दिया गया। आमापारा से तेलघानी नाका के बीच सड़क की चौड़ाई बढ़ाने का प्लान लगभग 10 साल पहले बनाया गया था। चौड़ीकरण में 112 मकान और दुकानें आ रही थीं। करीब आठ साल पहले 31 छोटे कब्जे हटाए गए थे। शनिवार को 24 पक्के मकानों व दुकानों को तोड़ा गया। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने में अभी भी 50 से अधिक मकान व दुकानें हैं। उन्हें भी जल्दी तोड़ने के संकेत दिए गए हैं।

शारदा चौक तक रोड बनने का रास्ता भी साफ

रोड के चौड़ीकरण होने के साथ ही अग्रसेन चौक से रामसागर पारा होते हुए शारदा चौक तक 80 फीट की मास्टर प्लान की रोड बनने का रास्ता साफ हो गया है। 2021 के मास्टर प्लान में इस रोड का प्रस्ताव है। आमापारा से तेलघानी नाका तक रोड चौड़ी होने के बाद इस सड़क पर ट्रैफिक बढ़ जाएगा। इसलिए ट्रैफिक को डायवर्ट करने मास्टर प्लान की रोड जरूरत महसूस की जा रही है। मास्टर प्लान की रोड अग्रसेन चौक से शुरू होगी। यहां से बम्लेश्वरी मंदिर रोड, राम सागर पारा होते हुए सीधे शारदा चौक में मिलेगी। इस बीच रामसागर पारा से शारदा चौक तक तोड़फोड़ होगी।

रात के अंधेरे में धरना

तोड़फोड़ से प्रभावित लोग रात को सड़क पर ही बैठ गए। उनका कहना है कि निगम प्रशासन से लेकर मंत्री और राज्य शासन ने आश्वासन दिया था कि मुआवजा देने के बाद यहां तोड़फोड़ की जाएगी। बिना मुआवजा दिए ही मकान तोड़ दिए गए। परीक्षा का समय है। बच्चों के साथ लोग सड़क पर ही बैठ गए हैं। राजेश पांडे, अमित ठंडवानी, पूनाराम विश्वकर्मा, दीपक अग्रवाल, शोभराज, नितेश नामदेव सहित प्रभावित लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल सांसद रमेश बैस, नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल से मिलकर मुआवजे की मांग करेगा।

सात बार लौट चुका था तोड़फोड़ दस्ता
तोड़फोड़े के बाद बिखरे सामान और उजड़े आशियाने को सहेजते रहे लोग।

सुबह 6 से शाम 5 बजे तक चार जेसीबी से चलती रही तोड़फोड़, ढहा दिए मकान-दुकान।

हार्ट अटैक से मौत, आरोप

तोड़फोड़ के दौरान आमापारा में रहने वाले 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। परिवार वालों और पड़ोसियों ने आरोप लगाया है कि सदमे में उनकी हार्टअटैक से मौत हो गई। दुर्ग मंदिर चौक के पास उनका घर भी रोड चौड़ीकरण की जद में है। यहां रहने वाले राजेश पांडे ने बताया कि दोपहर को तोड़फोड़ चल रही थी। राकेश भी इस दौरान वहां मौजूद थे। दोपहर करीब ढाई बजे अचानक उन्हें दिल में दर्द महसूस हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया।

कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।

कब्जे वाले किसी को नहीं मिलेगा मुआवजा
1350 मीटर लंबी इस सड़क का ज्यादातर हिस्सा पर्याप्त चौड़ा है। आमापारा से लेकर बाजार के आखिरी छोर तक सड़क काफी संकरी थी। प्रशासन ने इसी को टारगेट में लिया। दोपहर तक एक तरफ के सभी मकान और दुकानों को हटा दिया गया। हालांकि कार्रवाई शाम पांच बजे तक चली। जोन-7 कमिश्नर संतोष पांडे ने बताया कि सभी मकान और दुकान सरकारी तालाब की जमीन पर बने हैं। सरकारी जमीन होने की वजह से किसी को मुआवजे की पात्रता नहीं है और न ही उन्हें व्यवस्थापन दिया जाएगा।

हर बार विरोध होने के कारण नहीं हटे कब्जे
आमापारा से तेलघानी नाका तक रोड चौड़ीकरण लोगों के विरोध के कारण अटका हुआ था। कई बार राजनीतिक वजह से तोड़फोड़ टालनी पड़ी। कुछ राजीतिक पार्टी से जुड़े लोग मुआवजा बगैर तोड़फोड़ करने के पक्ष में नहीं थे। इस बीच निगम ने रोड चौड़ीकरण के लिए सर्वे किया और 80 फीट चौड़ी रोड का प्रस्ताव बनाया। लोक निर्माण विभाग की रोड होने के कारण यह प्रोजेक्ट निगम के हाथ से खिसक कर पीडब्ल्यूडी के पाले में चला गया। निगम की जिम्मेदारी सिर्फ कब्जे हटाने की थी।

ट्रैफिक का झंझट होगा कम
आमापारा से तेलघानी नाका की रोड चौड़ी होने के बाद महत्वपूर्ण हो जाएगी। रायपुरा, कुशालपुर, प्रोफेसर कालोनी, सुंदर नगर, डंगनिया सहित इसके आस-पास की पूरी आबादी को स्टेशन जाने के लिए तात्यापारा-रामसागर पारा या फिर एमजी रोड, केके रोड या फिर शास्त्री चौक होते हुए रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आजाद चौक थाने से स्टेशन की ओर आने वाली ट्रैफिक इसी रोड का उपयोग करेगी। राम सागर पारा रोड का भी दबाव कम होगा।

बाकी तोड़फोड़ शासन के निर्णय के बाद
आमापारा चौक से तेलघानी नाका तक पहले भेज में सरकारी जमीन पर कब्जाकर बनाए गए 24 मकान तोड़े गए हैं। आगे प्राइवेट मकानें हैं, जिन्हें भी तोड़ा जाना हैं। इसे तोड़ने के लिए शासन से निर्देश मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मुआवजा देना है या एफएआर, यह तय होने के बाद ही कार्रवाई होगी। जोन कमिश्नर ने बताया कि 21 तारीख को लाखेनगर चौक से बजरंग नगर होते हुए आमापारा चौक तक कब्जे हटाए जाएंगे।

निगम ने इस सड़क को बनाने के लिए सर्वे कराया। उसका प्रस्ताव बनाकर फाइल आगे बढ़ाई गई। अचानक यह फैसला हुआ कि सड़क पीडब्ल्यूडी बनाएगा। एजेंसी कोई भी हो, लेकिन फायदा शहर के लोगों को होना चाहिए। इस सड़क से ट्रैफिक का दबाव कम होगा। प्रमोद दुबे, महापौर रायपुर

खबरें और भी हैं...