1 लाख लोग दूसरे राज्यों से लौटे घरचुनौती: इनकी पहचान और जांच बेहद मुश्किल

Bastar Jagdalpur News - एक ओर कोरोना वायरस ना फैले, प्रशासन इसकी रोकथाम में जुटा है। वहीं उसके सामने बड़ी चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं।...

Mar 27, 2020, 06:51 AM IST
Jagdalpur News - chhattisgarh news 1 lakh people returned home from other states identification and investigation of them extremely difficult

एक ओर कोरोना वायरस ना फैले, प्रशासन इसकी रोकथाम में जुटा है। वहीं उसके सामने बड़ी चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं। बस्तर संभाग के विभिन्न इलाकों से एक चिंताजनक बात सामने आ रही है। बताया जा रहा कि एक सप्ताह के अंदर करीब एक लाख लोग अपने घर लौट आये हैं। यह सिलसिला अब भी जारी है। इनमें से ज्यादातर लोग केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आये है। जहां बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके है।

इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह कि वापस आने वालों की कोई डॉक्टरी जांच ही नहीं हो सकी है। बाहर से आकर वे अपने गांव, कस्बों और शहर स्थित घर पर ही रह रहे हैं। अलग-अलग राज्यों और यहां तक कि विदेशों से लौटे लोगों की पूरी जानकारी और संख्या प्रशासनिक अमले के पास भी नहीं है।

प्रशासन की बार-बार की अपील के बाद भी लोग न तो खुद को होम आइसोलेट कर रहे है और न ही हॉस्पिटल तक पहुंच रहे हैं। हालात, ऐसे हैं कि अब प्रशासनिक अफसर गांवों और शहरों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, आंबा कार्यकर्ता को एक-एक घर भेज कर इनकी हिस्ट्री तैयार करवा रहे हैं। इस रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया के दौरान ही बाहर से आए लोगों को समझाईश दी जा रही है कि वो घरों से बाहर न निकलें। प्रशासन के लाख कोशिश के बाद भी लोग होम आइसोलेशन होने को तैयार नहीं है।

ऐसे समझें... बस्तर में होम आइसोलेशन क्यों कठिन


बस्तर से बाहर जाकर वापस आने वालो में ज्यादातर गांवों के रहने वाले हैं। गांव से लोग मजदूरी के लिए कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जाते रहे हैं। वहां से वे किसी तरह वापस बस्तर आ गये हैं। उनके घरों की स्थिति ऐसी नहीं कि वो होम आइसोलेशन के नियमों का पालन कर सकें। बस्तर के ज्यादातर गांवों में मिट्‌टी के मकान हैं। एक-एक परिवार में आठ से दस सदस्य जो मिट्‌टी के दो या तीन कमरों के घरों में रहते हैं। घरों के अंदर बाथरूम की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में मजबूरी में सोने से लेकर अन्य कामों के लिए लोग घरों से बाहर निकल ही रहे है और दूसरे लोगों के संपर्क में आ रहे हैं।


17 बस्तरिया विदेश से आये, जानकारी नहीं दी

जगदलपुर | कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच अब प्रशासन ने संदिग्धों और बाहर से आने वाले लोगों की जांच और इन्हें होम आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था में तेजी लाई है। लेकिन चिंता की वजह ऐसे 17 लोग बन गए हैं जिन्होंने विदेश से लौटकर इसकी सूचना प्रशासन को नहीं दी है।ऐसे में अब टीम इन्हें ढूंढ़ने में लगी है।

गुरुवार शाम तक शहर में 32 परिवारों को होम आइसोलेशन में रखा जा चुका था। इन परिवारों पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पुलिस को भी जिम्मा सौंपा गया है। इन सभी परिवारों का कोई सदस्या या विदेश से लौटा है या फिर कोरोना से प्रभावित प्रदेशों से आये हैं। शहर में अभी यह संख्या सिर्फ 32 पहुंची है लेकिन गांवों में यह संख्या 451 तक पहुंच गई है।

मंदिरों में महाष्टमी पर होनेवाले हवन पर भी लगी रोक

भास्कर न्यूज | जगदलपुर

चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन गुरुवार को जहां पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं मंदिरों में पुजारियों ने नियमित रूप से पूजा की। मालूम हो कि इन दिनों कोरोना वायरस से बचाव के चलते मंदिरों को बंद रखा गया है। ऐसे में इस साल अष्टमी पर सार्वजनिक रूप से हवन भी नहीं होगा।

पूजा विधान के तहत पुजारी हवन करेंगे और खुद ही आहूति देकर पूर्णाहुति भी देंगे, लेकिन भक्तों को माईं दंतेश्वरी मंदिर में हवन में भाग लेने को नहीं मिलेगा। हालांकि मंदिर कमेटी ने पहले से ही हवन की तैयारी पूरी कर ली थी, लेकिन प्रशासन के आदेश के बाद मंदिरों को बंद करने के साथ ही हवन को भी रोक दिया है। इसके साथ ही कन्या भोज पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही जा रही है। यहां तक कि नवरात्र में गुलजार रहने वाले दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी दरबार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।

गिनती जारी, हाथ में मुहर भी लगा रहे

इधर कोरोना के लिए नोडल अफसर बनाये गये गोकुल रावटे ने बताया कि बाहर से आये लोगों की जानकारी जुटाई है इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। अंदरुनी गांवों में ऐसा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक बस्तर जिले के पक्के आंकड़े आ जायेंगे। इसके अलावा उन्होंने बताया कि जो लोग बाहर से आये है उनके हाथों में होम आइसोलेशन वाली मुहर लगाई जा रही है। ताकि वो बाहर निकलें तो मुहर देखकर लोग उनसे दूर रहें और इसकी जानकारी प्रशासन को दे सकें।

पुष्टि तभी होगी जब लक्षण दिखने शुरू होंगे

इधर अलग-अलग गांवों में लौटने वाले लोगों की जांच के लिए पीएचसी और सीएचसी में भी उपयुक्त व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर पीएचसी में तो शरीर के तापमान नापने की व्यवस्था ही नहीं है। इसके अलावा ब्लड कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेने की व्यवस्था या इसकी जांच के लिए सैंपल लेने जैसे कोई आदेश ही जारी नहीं हुए हैं। इलाज और पॉजिटिव मरीज की तलाश भी कोराेना पीड़ित पर छोड़ी गई है।

अभी लोगों के लौटने का सिलसिला जारी

मालगाड़ी से गुरुवार को भी कई लोगों ने आंध्र-ओडिशा के रास्ते होते हुए बस्तर में एंट्री की। इनमें से कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा भी है और इन्हें मेकाॅज जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके अलाव शहरी क्षेत्र के लोग जो दीगर शहरों में फंसे हैं। उन्हें विशेष अनुमति लेकर उनके परिजन कार व अन्य निजी साधनों से बाहर जा रहे है। अपर कलेक्टर ने गुरुवार को 4 लोगों को इसकी अनुमति दी है, लेकिन इसके बाद बिना कारण बताए बंद कर दी गई।

8 नये संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे

होम आइसोलेशन के अलावा अब लोगों के सैंपल लेने की संख्या भी बढ़ रही है। सीएमएचओ डॉ. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि गुरुवार को ही आठ नये संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे गये हैं।

भारी पड़ सकती है ये लापरवाही

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स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सहायिकाओं की मदद से गांव-गांव में ऐसे लोगों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है

मजदूरों के परिवार में मिट्‌टी के छोटे घरों में रहते हैं, अगर इनके बीच कोई भी संक्रमित रहा तो सभी प्रभावित होंगे


बाहर रोजी-रोटी नहीं मिल रही, दूसरे राज्यों से लौटने का साधन भी नहीं मिल रहा तो मालगाड़ी से वापस आ रहे हैं परिवार


पालन करिये... मत लांघिये ‘लक्ष्मण रेखा’

कोरोनाबंदी में नवरात्र का दूसरा दिन

घरों में नहीं होगा कन्या भोज

शहर में नवरात्र के दौरान सप्तमी से ही कन्या भोज का सिलसिला शुरू हो जाता है, लेकिन इस साल चैत्र नवरात्र में कन्या भोज पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में न तो लोग अपने घरों में कन्या भोज करवा पाएंगे और न ही मंदिरों में जाकर सामूहिक रूप से हवन कर पाएंगे। इन हालातों में माता की उपासना करते हुए लोगों को अपने घर पर ही रहना होगा और प्रतीकात्मक रूप से घर के बच्चों को ही कन्या भोज में शामिल करते हुए इस औपचारिकता को पूरा करना होगा।

यह तस्वीर है संजय मार्केट की, भीड़ के बीच भी लोगों में दूरी बनी रहे, इसके लिए गोले बनवाए गए हैं। मगर गुरुवार को कोई नियम का पालन करते नहीं दिखा, सब इस लक्ष्मण रेखा रूपी गोले को लांघते ही दिखे। फोटो: संतोष पांडेय

दंतेश्वरी मंदिर का गेट पूरी तरह से बंद रखा गया है।

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