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राजधानी में बढ़ेंगे 1410 सफाई कर्मचारी, अभीहर वार्ड में औसतन 30, अब होंगे 50 के करीब
दुकानों का रेट बेस से ज्यादा
नगर निगम ने राजधानी में वर्षों बाद सफाई कर्मचारी बढ़ाने का फैसला कर लिया है। निगम मुख्यालय में शुक्रवार को महापौर एजाज ढेबर ने मेयर इन काउंसिल (एमअाईसी) की बैठक में 1410 सफाई कर्मचारी बढ़ाए जाने की मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अाज-कल में मंजूरी के लिए राज्य शासन को भेज दिया जाएगा। वहां से अनुमति के तुरंत बाद नए सफाई कर्मचारियों के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। अभी हर वार्ड में औसतन 30 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। वृद्धि के बाद वार्डों में यह संख्या औसतन 50 के लगभग हो जाएगी। इसमें अधिकतम डेढ़ माह लगने की संभावना है।
मेयर ढेबर ने बताया कि राज्य शासन से अनुमति मिलते ही नए टेंडरों के जरिए वार्डों में बढ़े हुए सफाई कर्मचारी दिए जाएंगे। शहर में अब प्लेसमेंट पर सफाई कर्मचारियों की संख्या 3790 हो जाएगी। इनमें से 2915 कर्मचारी वार्डों के लिए आरक्षित रहेंगे। 875 कर्मचारी जोन, मुख्यालय गैंग, मेयर स्वच्छता सेल तथा विशिष्ट कामों के लिए रिजर्व रहेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि गर्मी के दिनों में 405 रुपए प्रति फेरे पर टैंकर लिए जाएंगे। एमआईसी की बैठक में बजट प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस माह के अंत में निगम बजट के लिए सामान्य सभा बुलाई जाएगी। जनगणना 2011 के मुताबिक राजधानी की करीब 11 लाख आबादी के लिए राज्य शासन ने 2380 कर्मचारी स्वीकृत किए हैं। इस दौरान शहर की जनसंख्या में काफी वृद्धि हुई है और निगम का क्षेत्र भी बढ़ा है। लिहाजा हर वार्ड में सफाई कर्मचारियों की बेहद कमी महसूस की जा रही थी। इसलिए कर्मचारी बढ़ाने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाया गया। विभाग के चेयरमैन नागभूषण राव यादव ने कर्मचारी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। इसपर मेयर इन काउंसिल के सभी सदस्यों ने मंजूरी दी। राज्य शासन से अनुमति के बाद एक वार्ड में कर्मचारियों की संख्या अधिकतम 55-56 तक पहुंच जाएगी। अभी यह अधिकतम 44-45 ही है।
नई फागिंग मशीनें भी खरीदेंगे, एमआईसी में टेंडर को मंजूरी
एमआईसी ने 10 फागिंग मशीन खरीदने के लिए बुलाए गए टेंडर की मंजूरी भी दी। 54.82 लाख की लागत से यह मशीनें खरीदी जाएंगी। शहर के सभी शौचालयों को रायपुर की लोकल एजेंसी को देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। प्रयोग के तौर पर 113 में से 10 शौचालयों को मेंटनेंस के लिए दिया जाएगा। यह कंपनी पुरानी से से लगभग हजार रुपए कम पर काम करेगी। इससे निगम को हर साल लगभग 13 लाख की बचत होगी। पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड के पार्षद व संस्कृति विभाग के अध्यक्ष आकाश तिवारी खालसा स्कूल के पास तैयार हो रहे आक्सीजोन का नाम कांग्रेस नेता स्व. नंदकुमार पटेल के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा गया।
डुमरतराई कामर्शियल कांप्लेक्स
नगर निगम ने डुमरतराई में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से कामर्शियल कांप्लेक्स का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। करीब सवा दो एकड़ खाली जमीन पर यह कांप्लेक्स पीपीपी मोड पर बनाया जाएगा। इसके लिए कंपनियों से आफर मंगाया जाएगा। गौरतलब है, डूमरतराई में हाउसिंग बोर्ड भी काफी निर्माण करवा चुका है और वहां निजी तौर पर भी कई बड़े कांप्लेक्स बने या निर्माणाधीन हैं।
सफाई सर्वे निजी एजेंसी से
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत शहर से कचरा उठाने और उसे डिस्पोज करने का काम दिल्ली की कंपनी रामकी को दिया गया है। अनुबंध में कंपनी के कामों का तृतीय पक्ष से सत्यापन के लिए स्वतंत्र इंजीनियर नियुक्त करने की शर्त थी। इसी के तहत निगम ने स्वतंत्र एंजेसी िनयुक्त करने का प्रस्ताव रखा। इस एजेंसी को पांच साल में 126 लाख का भुगतान किया जाएगा। यह रकम रामकी कंपनी के पेमेंट से काटकर दिया जाएगा।
एमआईसी ने डुमरतराई की सात, अश्वनी नगर की पांच, जवाहर बाजार की 76, डंगनिया की 8, नेताजी सुभाष स्टेडियम की 19, मोहबाबाजार की 14 दुकानों को 30 वर्षीय पट्टे पर देने के टेंडर को मंजूरी दी गई।
ये हुए शामिल : बैठक में एमआईसी सदस्य ज्ञानेश शर्मा, श्रीकुमार मेनन, नागभूषण राव यादव, अजीत कुकरेजा, समीर अख्तर, रितेश त्रिपाठी, सहदेव व्यवहार, द्रोपती हेमंत पटेल, सुन्दरलाल जोगी, जितेन्द्र अग्रवाल, सुरेश चन्नावार, आकाश तिवारी सहित निगम कमिश्नर सौरभ कुमार, अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू सहित निगम के अधिकारी मौजूद थे।