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सेजबहार सहित राजधानी से सटे 7 गांव हो गए शहर जैसे, इसलिए जनगणना इन्हें टाउन एरिया मानकर
राजधानी से लगे सेजबहार, बोरियाकला, कांदुल, बरौंदा, संकरी और पिरदा ग्राम पंचायतों को जनगणना के लिए शहरी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। इन इलाकों में पक्के और आलीशान मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं के साथ व्यवसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण इलाका कहीं से गांव नजर नहीं आता। इस वजह से इन इलाकों को ग्रामीण से हटाकर टाउन एरिया में शामिल कर लिया गया है। रायपुर जिले की जनगणना में अब तक इन इलाकों की जनगणना ग्रामीण जनसंख्या के तौर पर की जाती थी। अब सभी 7 गांव के लोग शहरी जनसंख्या में शामिल होंगे।
जनगणना के लिए इन गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने से प्रस्तावित जनगणना के बाद राजधानी की जनसंख्या में सवा लाख का अतिरिक्त इजाफा हो जाएगा। शहर की जनसंख्या 19 से 20 लाख तक पहुंचने की संभावना है। जनगणना से जुड़े अफसरों का कहना है कि इन गांवों को शहर की बाह्य वृद्धि क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। जनसंख्या की दृष्टि से ये गांव शहर में शामिल हो जाएंगे। हालांकि राजस्व के नजरिए से भले ही इनका प्रशासन ग्राम पंचायतों के पास रहेगा।
लोकेश्वर साहू,
अपर आयुक्त व जनगणना प्रभारी
रायपुर-बलौदाबारा रोड पर विधानसभा तक का हिस्सा शहर से जुड़ गया है। विधानसभा और महालेखाकार दफ्तर के कारण शहर के इस हिस्से में तेजी से बसाहट बढ़ी है। डीपीएस, ज्ञानगंगा जैसे बड़े स्कूल के अलावा कई बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट और कालोनियां बरौंदा और संकरी के आसपास विकसित हुई हैं। इन इलाकों में बनी कुछ कालोनियां पॉश इलाकों में गिनी जाने लगी हैं। कई बड़े अफसर इस इलाके की कालोनियों में बस गए हैं। रायपुर-महासमुंद रोड पर लाभांडी के पास पिरदा भी शहर से जुड़ा हुआ है।
बरौंदा, संकरी पिरदा इसलिए हो गए हैं खास
रियल एस्टेट में तेजी के आसार
राज्य बनने के बाद निगम सीमा से लगे हुए इन गांवों और आसपास के इलाकों में शहर के बड़े-बड़े बिल्डरों ने करोड़ों इन्वेस्ट किए हैं। तेजी से बसाहट नहीं बढ़ने की वजह से कई बड़े प्रोजेक्ट अधर में अटके हैं। कई प्रोजेक्ट तैयार हैं, लेकिन शहरी सुविधाएं नहीं मिलने के कारण मकान बिक नहीं रहे हैं। शहरी क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद यहां रियल एस्टेट में तेजी के आसार हैं।
दो बढ़े जोन में रहेंगे गांव
शहरी जनगणना में शामिल करने के बाद इन गांवों की सीमा को निगम में शामिल करने का रास्ता आसान हो गया है। अब केवल राज्य शासन की मंजूरी की जरूरत है। बाकी किसी औपचारिकता की जरूरत नहीं होगी। जनगणना के दृष्टिकोण से इन गांवों को निगम के दो जोनों में बांट दिया गया है। बरौंदा, संकरी, पिरदा गांव को जोन-9 और सेजबहार, बोरियाकला, कांदुल, दतरेंगा को जोन-10 में शामिल कर लिया गया है।
सेजबहार, बोरियाकला, कांदुल
दतरेंगा को चुना इसलिए
सेजबहार, बोरियाकला, कांदुल, दतरेंगा रायपुर के दक्षिण में है। ये गांव पुराने और नवा रायपुर से कनेक्ट हैं। इन सभी गांव में प्राइवेट और सरकारी जैसे हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण की कई कालोनियां विकसित हो रही हैं। प्राइवेट बिल्डरों के बड़े प्रोजेक्ट भी आकार ले रहे हैं। ये गांव रायपुर से धमतरी और पुरानी धमतरी रोड के बीच में हैं। धमतरी रोड नेशनल हाईवे है और पुरानी धमतरी रोड को भी फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। इन गांवों के आसपास चिकित्सा, शिक्षा तथा व्यवसायिक गतिविधियां काफी तेजी से बढ़ी हैं। डूमरतराई थोक बाजार, थोक सब्जी मार्केट, टाइल्स मार्केट सभी प्रमुख बाजार इन गांवों के आसपास ही हैं।