राजधानी में बनेगी सड़क हादसों की हिस्ट्रीशीट, घटनास्थल से एक िकमी पहले लगेंगे संकेतक

News - राजधानी और अाउटर में होने वाले सड़क हादसों की अब पुलिस हिस्ट्रीशीट बनाएगी। इस हिस्ट्रीशीट में हादसे की वजह और...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:46 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news a history sheet of road accidents will be built in the capital one kilometer before the spot
राजधानी और अाउटर में होने वाले सड़क हादसों की अब पुलिस हिस्ट्रीशीट बनाएगी। इस हिस्ट्रीशीट में हादसे की वजह और वहां की सड़क या पुल-पुलियों की स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग का भी जिक्र रहेगा कि कहीं हादसा उस खामी से तो नहीं हुअा। यह प्लान इसलिए बनाया गया है, ताकि उस जगह पर दूसरा हादसा होने से रोका जा सके। इसके लिए तैयार किए जा रहे प्लान में इस बात पर फोकस रहेगा कि ऐसे स्पाॅट्स से एक किमी पहले से इंडिकेटर लगा दिए जाएं, ताकि लोग सतर्क हो जाएंगे। राजधानी के साथ-साथ इस प्लान को तीन-चार बड़े शहरों में भी लागू किया जाएगा।

ट्रैफिक के इस बड़े प्लान को हाल में स्पेशल डीजी अारके विज के साथ हुई ट्रैफिक अफसरों की बैठक में हरी झंडी दी गई है। बैठक में तय हुअा कि जहां हादसों की आशंका है, वहां की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित एजेंसियों को खामियों को दूर करने कहा जाएगा। खासकर गांव या कस्बों से नेशनल व स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली सड़कों के किनारे ठेले-गुमटी या पेड़ों के कारण होने वाली हादसों की रिपोर्ट बनाई जाएगी। यही नहीं, एआईजी व स्टेट कमेटी के प्रमुख संजय शर्मा के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने फील्ड पर जाकर ऐसे घटनास्थलों की रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी गई है।

रायपुर हादसों में दूसरे नंबर पर, 839 मौतें

पुलिस मुख्यालय ने इस प्लान को राजधानी में लागू करने के साथ-साथ प्रदेशभर के हादसों की पड़ताल भी शुरू कर दी है। अफसरों ने बताया कि सभी जिलों को इसके दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से सितंबर तक 9 महीने में सड़क हादसों में 3723 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसों में बिलासपुर रेंज अव्वल है। 9 महीने में बिलासपुर रेंज में हादसों में 936 लोगों की जान जा चुकी है। दूसरे नंबर पर रायपुर है। यहां 839 लोगों की जान गई है। इसी तरह दुर्ग में 772, सरगुजा में 691 और बस्तर में 485 की जान गई है।

341 में से 31 घटनास्थलों पर लगातार हादसे

राज्य में हादसों की संख्या के आधार पर 341 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं। इनमें 31 ऐसे स्थान हैं, जहां हादसों में कोई कमी नहीं आई है। इनमें भी आठ जगहों पर पीडब्ल्यूडी ने अपना काम नहीं किया। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने संबंधित एजेंसियों को भी समय पर काम पूरा करने कहा है। साथ ही, फील्ड में तैनात अफसरों को जिस समय सबसे ज्यादा हादसे होते हैं, उस समय ऐसी व्यवस्था बनाने कहा है, जिससे हादसों को रोका जा सके। सबसे ज्यादा हादसे शाम 6 से रात 9 बजे के बीच होते हैं।

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