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एम्स ने कोरोना पर शुरू की रिसर्च समझ रहे बॉडी में आने वाले चेंजेस

एक वर्ष पहले
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मेडिकल सुपरिटेंडेंट बोले- जरूरत पड़ने पर 100 बेड का वार्ड भी बना सकते हैं


क्वारंटीन शख्स ने कहा- यहां पांच सितारा होटल जैसी सुविधा

नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार ने क्वारंटीन सेंटर बनाया है। एयरपोर्ट के करीब इसे तैयार किया गया है ताकि विदेश से आने वाले स्थानीय जरुरत पड़ने पर यहां रखे जा सकें। हाल ही में विदेश से लौटे एक युवक को जांच के बाद यहां रखा गया है। युवक ने सोशल मीडिया में अपना वीडियो बनाकर कहा कि- पहले तो मैं डर गया कि मुझे कहां ले जाएंगे। मगर यहां किंग साइज रूम, एसी, अलमारी अाैर टीवी सहित तमाम सुविधाएं हैं। टावल, मास्क समय-समय पर बदले जा रहे हैं। रूम सैनिटाइज किया गया है। डॉक्टर समय-समय पर चेकअप कर रहे हैं। अगर आप में लक्षण हैं तो बैटर होगा कि यहां आइए। यहां अापकाे प्रॉपर निगरानी में रखा जाएगा। इलाज हो जाएगा। यहां 5 स्टार होटल जैसी सुविधा है।

अाईसाेलेशन वार्ड का जिम्मा संभाल रहे हैं ये रियल हीराे

लोग सोशल मीडिया पर कोरोना के बारे में तरह-तरह की जानकारियां साझा कर रहे हैं। इस बीच डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की टीम दिन-रात काेराेना से सीधी टक्कर ले रही है। एम्स के आईसोलेशन वार्ड में डॉक्टर सीधे पेशेंट के संपर्क में हैं। डॉॅ
पीपरे ने बताया कि 31 नर्सिंग स्टाफ, 12 जूनियर डॉक्टर, 8 सीनियर डॉक्टर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। टीम में किसी तरह का भय नहीं है। सामान्य तरह से काम हो रहा है। सुरक्षा के लिए टीम के पास विशेष किट है, इसे पर्सनल प्रोटेक्टिंग इक्विपमेंट कहा जाता है। इसमें बड़े गाउन, जूतों के कवर, आंखों के कवर, दस्ताने, कैप वगैरह शामिल हैं।

निजता काे ध्यान में रखकर डाॅक्टर्स के नाम और फोटो प्रकाशित नहीं किए जा रहे।

छत्तीसगढ़ में कोरोना का पहला केस सामने आते ही तमाम तरह की सावधानियां बरतीं जा रहीं हैं। इस बीच डॉक्टर और सांइटिस्ट की एक टीम कोरोना पर स्टडी करने में जुट गई है। रायपुर एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. करन पीपरे ने बताया कि हमारे माइक्रो बायलॉजी लैब में वैज्ञानिक कोरोना के सैंपल की बारीकी से जांच कर रहे हैं। हम यह देख रहे हैं कि कोरोना की वजह से पेशेंट के शरीर में बदलाव क्या हुए, यदि हुए तो किस तरह के हुए। हम यह भी देखेंगे कि यदि कोई मरीज किसी के संपर्क में आता है तो उस पर किस तरह का असर होता है। एक तुलनात्मक अध्ययन हम कर रहे हैं। यदि और केस आए तो उनकी विविधता को भी समझा जाएगा। अगले माह तक हम रिपोर्ट तैयार कर लेंगे। विश्व स्तर पर हम अपने अनुभवों को साझा करेंगे ताकि इस नए रोग से लड़ने के लिए कारगर कदम उठाए जा सकें।

ठीक हो रही है युवती, किसी को काेराेना से डरने की जरूरत नहीं

डॉ. पीपरे ने बताया, अब तक की स्टडी में हमें एक बात समझ आई है कि यदि किसी की रिपाेर्ट कोरोना पॉजिटिव आ भी जाए और उसे सही देख-रेख और स्वच्छ माहौल में जरूरी दवाओं के साथ रखा जाए तो यह ठीक हो सकता है। एम्स में मौजूद कोरोना पॉजिटिव का केस भी सुधार की तरफ है। कुछ दिनाें में हम उस युवती का टेस्ट दाेबारा करेंगे। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो वह घर जा सकेगी। अब तक उसकी स्थिति में लगातार सुधार आ रहा है। यह डरने वाली बीमारी नहीं है।

सुमन पांडेय . रायपुर


ये है नवा रायपुर में बनाया गया क्वारंटीन सेंटर

कोरोना संक्रमितों के लिए 24 बेड का आईसोलेशन वार्ड किया गया है तैयार

काेराेना की जांच अाैर इलाज के लिए एम्स में बनाया गया है खास सेंटर

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