आयुष्मान क्लेम अब अंबेडकर में भर्ती होने के चार दिन बाद तक

News - रायपुर | अंबेडकर समेत मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को मरीजों का आयुष्मान के लिए क्लेम भर्ती होने के 96 घंटे यानी 4 दिन तक...

Sep 14, 2019, 07:45 AM IST
रायपुर | अंबेडकर समेत मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को मरीजों का आयुष्मान के लिए क्लेम भर्ती होने के 96 घंटे यानी 4 दिन तक किया जा सकेगा। अभी यह केवल 48 घंटे है, जिससे कई मरीजों को इलाज कराए बिना लौटना पड़ रहा है।

अंबेडकर अस्पताल में 48 घंटे के एक सेकंड बाद दस्तावेज अपलोड करने वाले मरीजों को भी बिना इलाज कराए लौटना पड़ रहा था। कई मरीजों को आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पैसे देने पड़ रहे थे। इस संबंध में भास्कर ने परवेज नाम के एक मरीज की व्यथा प्रकाशित की थी। क्लेम रिजेक्ट होने से उनकी सर्जरी टल रही थी। खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत योजना में क्लेम का समय बढ़ाने का फैसला किया। गौरतलब है कि पैकैज या मरीज का क्लेम रिजेक्ट होने पर अस्पताल जरूरी सामान नहीं खरीदते। इस वजह से मरीज की सर्जरी भी नहीं हो पाती।



स्वास्थ्य विभाग की नई पहल से मरीजों को बड़ा फायदा मिला है। दरअसल परवेज का बीमारी से परेशान उनकी बेटी रोज अंबेडकर अस्पताल का चक्कर लगा रही थी।

भास्कर ने 29 अगस्त को इस संबंध में खबर प्रकाशित किया था। अायुष्मान भारत योजना की नोडल एजेंसी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए परवेज की सर्जरी करवाई। अब उनका स्वास्थ्य ठीक है। उनके परिजनों को भी राहत मिली है। परवेज का क्लेम पांच बार रिजेक्ट हुआ था। इस पर उन्होंने अधिकारियों के साथ टोल फ्री नंबर 104 पर फोन कर अपनी समस्या बताई थी। इसके बाद भी सर्जरी नहीं हो पा रही थी। दरअसल आयुष्मान कार्ड से इलाज के दौरान पैकेज स्वीकृत होने पर ही सर्जरी के लिए जरूरी सामानों की खरीदी अस्पताल प्रबंधन करता है।

45 साल के परवेज खान को दिल की बीमारी है। उनका इलाज एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में होना था। इलाज में एक लाख रुपए खर्च होता। मरीज के पास आयुष्मान कार्ड भी था, लेकिन बीमा कंपनी बार-बार उनका क्लेम रिजेक्ट कर रहा था। भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद परवेज की सर्जरी हो चुकी है। बाकी मरीजों को भी राहत मिली है। दरअसल अब

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