धान की लड़ाई में राजस्थान, महाराष्ट्र से सहयोग लेंगे बघेल, गहलोत से आज मुलाकात

News - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भले ही अयोध्या पर आए फैसले के बाद 13 नवंबर को दिल्ली रवानगी का इरादा कुछ दिन के लिए टाल...

Nov 11, 2019, 07:32 AM IST
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भले ही अयोध्या पर आए फैसले के बाद 13 नवंबर को दिल्ली रवानगी का इरादा कुछ दिन के लिए टाल दिया हो लेकिन इस मुद्दे को लेकर वे राष्ट्रीय स्तर पर निकल गए हैं। सीएम बघेल आज जहां दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताआें से मुलाकात करेंगे वहीं वे शाम को जयपुर जाकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी इस मुद्दे पर बात करेंगे। सीएम बघेल ने दिल्ली रवाना होने से पहले राज्य के सभी सांसदों से पीएम मोदी को चावल लेने के लिए पत्र लिखने का आग्रह भी किया है।

केन्द्र सरकार द्वारा सेंट्रल पुल में छत्तीसगढ़ का चावल नहीं खरीदे जाने के बाद से प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सभी जिले आैर ब्लॉकों में केन्द्र सरकार के विरोध में कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। इसके लिए कांग्रेस नेता किसानों से पीएम मोदी के नाम लिखे गए पत्र पर भी हस्ताक्षर करवा रहे हैं। 12 तारीख तक प्रदर्शन आैर चिटि्ठयों पर हस्ताक्षर करवाने के बाद वे 13 को दिल्ली कूच की तैयारी थी लेकिन अयोध्या मामले पर आए फैसले के बाद सीएम ने 13 का प्रदर्शन टालते हुए बाद में तिथि घोषित करने की घोषणा की है। इधर रविवार को दिल्ली रवाना होने से पहले सीएम बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से चावल नहीं खरीद रही है। मैने भाजपा सांसदों की बैठक इसलिए बुलाई थी कि वे जाकर नरेंद्र मोदी से कहें कि वह चावल खरीदें। लेकिन उनके नेता बैठक में नहीं आए।





बघेल ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोगों से मुलाकात करुंगा। जयपुर में अशोक गहलोत ने आमंत्रित किया है, साथ ही महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों से मुलाकात करुंगा। बघेल आज रात जयपुर से रवाना होकर देर रात रायपुर लौट आएंगे।

धान खरीदी के लिए इस बार 14 नए केंद्र, जल्द भेजे जाएंगे बारदाने

केंद्र और राज्य के बीच उभरे विवाद के बीच राज्य सरकार ने धान खरीदी को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। राज्य सरकार ने पंजीकृत किसानों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी को देखते हुए धान खरीदी के लिए 14 नए केंद्र बनाए गए हैं। 15 नवंबर से धान खरीदी केंद्रों पर बारदाने भेजा जाएगा। बात दें कि सरकार को इस बार 85 लाख टन धान खरीदी होने की उम्मीद है। यह उम्मीद इसलिए है क्योंकि इस बार पिछले बार से लगभग 3 लाख ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछली बार राज्य में लगभग 16 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था।

सीमावर्ती 8 जिलों में बढ़ा पंजीयन

राज्य के बाहर से आने वाले धान पर नजर रखने के लिए इस बार जिलों की सीमा पर चौकी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा नए पंजीकृत किसानों की भी पहचान की जा रही है। इसके लिए सभी कलेक्टरों को गिरदावरी के अनुसार रकबे को दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस साल लगभग 19 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है।

चार लाख 20 हजार बारदानों की व्यवस्था

धान खरीदी के लिए मार्कफेड ने 4 लाख से ज्यादा बारदानों की व्यवस्था की है। 2 लाख 70 हजार 500 नए के साथ ही डेढ़ लाख पुराने बारदानों का उपयोग किया जाएगा। वहीं नमी मापक यंत्र, कांटा-बाट आदि की व्यवस्था की जाएगी।

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