पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Raipur News Chhattisgarh News Bhavesh Who Has Been Preparing For Two Years Is Ranked 13th In The Country Mridul Who Has Been Studying For Two Months Is Ranked 19th

दो साल से तैयारी कर रहे भावेश को गेट में देशभर में 13वीं, दो महीने पढ़ एग्जाम देने वाली मृदुल को 19वीं रैंक

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आईआईटी दिल्ली ने जारी किया गेट का रिजल्ट, एनआईटी से 2018 में पासआउट अर्नब को तीसरी रैंक

तैयारी के लिए समय कम होने के बारे में सोचकर हो जाती थी नर्वस तब पैरेंट्स करते थे मोटिवेट

एनआईटी के आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट की मृदुल यादव वर्तमान में नागपुर की कंपनी में असिस्टेंट आर्किटेक्चर हैं। उन्होंने बताया, ये मेरा फर्स्ट अटैंप्ट था। ऑफिस के कारण पढ़ाई को ज्यादा समय नहीं दे पा रही थी। मैंने महज दो महीने पढ़ाई की थी। आमतौर पर ऑफिस जाने से पहले और आने के बाद पढ़ाई करती थी। एग्जाम से 25 दिन पहले ऑफिस से छुट्टी लेकर रोज लगभग 15 घंटे पढ़ाई की। कभी रैंक के बारे में सोचकर पढ़ाई नहीं की थी। पढ़ाई के लिए कम समय होने के कारण कई बार नर्वस हो जाती थी, तब पैरेंट्स मोटिवेट करते थे। पिता गोपाल यादव रेलवे अधिकारी हैं। मम्मी सुनीता यादव होममेकर हैं।

सिटी रिपोर्टर. रायपुर

आईआईटी दिल्ली ने शुक्रवार को ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी गेट एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया। इसमें एनआईटी से 2018 में पासआउट अर्नब समुई ने देशभर में तीसरी रैंक हासिल की हैं। एनआईटी के ही स्टूडेंट भावेश पाटिल को 13वीं रैंक मिली है। वे दो साल से एग्जाम की तैयारी कर रहे थे। वहीं, एनआईटी की आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट की गोल्ड मेडलिस्ट रहीं मृदुल यादव महज दो महीने की तैयारी के बाद 19वीं रैंक हासिल करने में कामयाब रही हैं।

इन्हें मिली अच्छी रैंक : अमरनाथ 56वीं, साैरभ चंद्रा 64वीं, अार्यन बगानी 143वीं, शुभांक गुप्ता 172वीं, विकास अग्रवाल 182वीं, तुषार साहू 259वीं, दीक्षा 284वीं, गगनदीप सिंह 288वीं, मृगन्क श्रीवास्तव 292वीं, रवि राज 341वीं रैंक हासिल करने में कामयाब रहे हैं।

अर्नब

सुबह कॉलेज और शाम को जाता था कोचिंग, खुद के बनाए नोट्स से की तैयारी

एनआईटी की मैकेनिकल ब्रांच के फाइनल सेमेस्टर के स्टूडेंट भावेश पाटिल ने बताया कि सुबह कॉलेज अटैंड करने के बाद शाम को गेट की तैयारी के लिए कोचिंग जाता था। कॉलेज की पढ़ाई और गेट की तैयारी को बराबर समय देता था। कोचिंग से आने के बाद नोट्स बनाता था। एग्जाम से पहले सिर्फ नोट्स से ही पढ़ाई की और कामयाब भी रहा। अब गेट के मार्क्स के आधार पर पीएसयू में जॉब करूंगा। आगे पढ़ाई का इरादा नहीं है। उनके पिता चंद्रकांत पाटील बीएसपी में कार्यरत हैं। मम्मी संगीता पाटिल असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

खबरें और भी हैं...