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रेसीडेंशियल सोसाइटी में डेवलप की बाल लाइब्रेरी यहां शहर का कोई भी बच्चा पढ़ सकता है बुक्स

एक वर्ष पहले
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सुबह 7 से 10 और शाम 4 से 7 बजे तक ओपन रहती है लाइब्रेरी

आपके पास हैं बच्चों से जुड़ी किताबें ताे कर सकते हैं डोनेट

बाल लाइब्रेरी में सोसाइटी के लोग बच्चों के लिए नॉलेजेबल और रोचक कहानियों की किताबें डोनेट कर रहे हैं। मुकेश ने बताया कि इसके अलावा हम ऐसी संस्थाओं और लोगों से संपर्क कर रहे हैं जो बच्चों के लिए किताबें डोनेट करना चाहते हैं। अगर आपके पास बच्चों से जुड़ी कोई किताब या मैग्जीन है और लाइब्रेरी में डोनेट करना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 6263352500 पर संपर्क कर सकते हैं। सोसाइटी मेंबर्स डोनर के पास आकर बुक्स कलेक्ट करेंगे।

शंकरनगर में 20 सालों से संचालित है बाल वाचनालय

शहर में ऐसी ही एक लाइब्रेरी शंकर नगर में संचालित हो रही है। 20 साल पहले शुरू किए गए बाल वाचनालय का संचालन महाराष्ट्र मंडल करता है। वाचनालय की प्रभारी गीता ने बताया, बच्चांे में रीडिंग हैबिट बढ़ाने के लिए शहर में ऐसी लाइब्रेरी बनाने की जरूरत है। क्योंकि लाइब्रेरी में बैठकर किताबें पढ़ने से बच्चों में एकाग्रता बढ़ती है, इमेजिनेशन पावर स्ट्रॉन्ग होता है और प्रेरक कहानियां पढ़कर उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव भी आता है। बाल वाचनालय में अभी दो हजार से ज्यादा किताबें हैं। यहां 5 से 17 साल की उम्र के बच्चे सुबह 6 से 8 और शाम 5 से रात 9 बजे तक आकर पढ़ सकते हैं।

सिटी रिपोर्टर. रायपुर

बच्चों में सोशल मीडिया और मोबाइल गेम्स की लत छुड़ाकर रीडिंग हैबिट डेवलप करने के मकसद से मोवा स्थित बालाजी रेसीडेंशियल सोसाइटी के 40 फैमिली के मेंबर्स ने पहल की है। इसके तहत उन्होंने सोसाइटी के प्रेसिडेंट मुकेश गुप्ता के घर के बाहर बने कमरे में ‘बाल लाइब्रेरी’ शुरू की है, जहां बच्चे खाली समय में पंचतंत्र की कहानियां, जातक कथाएं, दादा-दादी कहानियां, चंपक, चंदा मामा जैसी किताबें पढ़ सकें। खास बात यह है कि इस लाइब्रेरी में सोसाइटी के बच्चों के अलावा शहर का कोई भी स्कूली बच्चा निशुल्क किताबें पढ़ सकता है। मुकेश गुप्ता ने बताया कि एक हफ्ते पहले लाइब्रेरी शुरू की गई है। सुबह 7 से 10 बजे तक और शाम 4 से 7 बजे तक खुली रहने वाली लाइब्रेरी में सोसाइटी के अलावा आसपास के इलाकों के बच्चे भी यहां रोज आकर पढ़ रहे हैं। कम उम्र में बच्चे मोबाइल एडिक्ट हो रहे हैं। स्कूल से आने के बाद अक्सर वो मोबाइल में बिजी रहते हैं। इस आदत को छुड़ाकर रोचक कहानियों में इंट्रेस्ट बढ़ाने ये पहल की है।

6263352500 पर संपर्क कर आप भी डोनेट कर सकते हैं बुक


हफ्तेभर पहले शुरू हुई लाइब्रेरी में हैं 60 से ज्यादा किताबें

सोसाइटी की मीटिंग में लाइब्रेरी शुरू करने पर बनी सहमति, लोगों ने अपने घरों से लाईं बुक्स

सोसाइटी के कपिल अग्रवाल ने बताया, हर महीने की तरह सोसाइटी की मीटिंग हुई, जहां बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और किताबों से दूरी जैसे टॉपिक पर पैरेंट्स ने अपनी बात रखी। इस समस्या को दूर करने के लिए ज्यादातर लोगों ने सोसाइटी में लाइब्रेरी शुरू करने की बात कही। लेकिन लाइब्रेरी ओपन करने के लिए यहां न तो क्लब है न ही कोई हॉल है इसलिए सोसाइटी में किसी घर में लाइब्रेरी ओपन करने पर सभी की सहमति बनी। यहां बुक रखने के लिए रैक बनाई गई है जिसमें सोसाइटी मेंबर्स की डोनेट की हुई 60 से ज्यादा किताबें रखी गई हैं। हमारा लक्ष्य लाइब्रेरी में 500 से ज्यादा किताबें रखने का है ताकि बच्चों को अलग-अलग विषयों के बारे में पढ़ने का मौका मिले।
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