देवांगन बना रहे डीपीआर... ताकि जान सकें देश में समाज की आबादी कितनी, कितने बेरोजगार

News - देश में देवांगन समाज अपनी संख्या और ताकत का अंदाजा लगाने के लिए नया प्रयोग कर रहा है। वह नेशनल पापुलेशन रजिस्टर...

Feb 15, 2020, 07:36 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news dewangan is making dpr to know how much population of society in the country how many unemployed

देश में देवांगन समाज अपनी संख्या और ताकत का अंदाजा लगाने के लिए नया प्रयोग कर रहा है। वह नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) की तर्ज पर देवांगन पापुलेशन रजिस्टर (डीपीआर) बना रहा है। ताकि इससे वह अपने समाज का जनसंख्या बल तथा राजनीतिक रसूख का अंदाजा लगा सके। इस डिजिटल गिनती के जरिए वह अपने बेरोजगारों, अविवाहितों के बारे में भी जानकारी जमा कर रहा है। उसका दावा है कि देश में करीब सात करोड़ देवांगन हैं।

देश में यह डिजिटल जनगणना ऑनलाइन की जा रही है। अब तक राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख लोग रजिस्टर्ड हो चुके हैं। देवांगन समाज का कोई भी व्यक्ति डब्लूडब्लूडब्लू डॉट देवांगन डॉट ओआरजी पर क्लिक करके इस पर रजिस्ट्रेशन करा सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद व्यक्ति को समाज की ओर से डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। लोग चाहें तो इसे प्रिंट भी करवा सकेंगे। इस पहचान पत्र की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जिन्हें भी यह जारी किया गया है वे देशभर में जहां कहीं देवांगन समाज की धर्मशाला है, वहां इसे दिखाकर निशुल्क ठहर सकेगा। फॉर्म भरते वक्त और भी कई जानकारियां ली जा रहीं हैं ताकि इसी डाटा के आधार पर समाजहित में और भी कई योजनाएं शुरू की जा सकें। इसीलिए समाज ने लोगों से यह अपील की है कि वे फॉर्म भरते वक्त सही जानकारी दें क्योंकि इसी के आधा पर प्लान बनाए जाएंगे। देवांगन समाज के राष्ट्रीय युवा सचिव दान सिंह देवांगन को डीपीआर का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण वरोड़े ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा व अभिनेत्री जयाप्रदा भी देवांगन समाज के हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ बुलाने की तैयारी चल रही है।

इन राज्यों में समाज की अनुमानित आबादी इतनी

छत्तीसगढ़ - 28 लाख

ओडिशा - 30 लाख

मध्यप्रदेश - 35 लाख

झारखंड - 15 लाख

उत्तरप्रदेश - 25 लाख

बिहार - 20 लाख

तेलंगाना - 40 लाख

प. बंगाल - 30 लाख

महाराष्ट्र - 40 लाख

कर्नाटक - 30 लाख।

डाटा कलेक्शन में 6 माह, फिर वेरीफिकेशन

छह महीने में डेटा कलेक्ट करने के बाद इसका वेरीफिकेशन किया जाएगा। मंडल व जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तर पर सूची बनेगी। अगर किसी ने फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया है तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा। जरूरी हुआ तो दोषी के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
- सेवकराम देवांगन, राष्ट्रीय सलाहकार, देवांगन समाज

ब्लड ग्रुप से लेकर पॉलिटिकल इंट्रेस्ट की ली जा रही है जानकारी


वेबसाइट में फॉर्म भरते वक्त लोगों का पता और मोबाइल नंबर तो पूछा ही जा रहा है। साथ में यह जानकारी भी ली जा रही है कि उनका ब्लड ग्रुप क्या है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर ब्लड बैंक बना सकें। यह भी पूछा जा रहा है कि आवेदक के पास कोई राजनीतिक या सामाजिक दायित्व है या नहीं? इससे पालिटिक्स में कितने देवांगन है यह पता लग सकेगा। वैवाहिक स्थिति से अविवाहित युवाओं का डेटा पता लगेगा। उनके लिए योग्य वर-वधु के लिए सम्मेलन आयोजित किए जा सकेंगे। इसलिए फार्म में पति का गोत्र, प|ी का ससुराल का गोत्र व संतान की संख्या भी इंट्री कराई जा रही है। देवांगनों के पास टू-व्हीलर या फोर व्हीलर है इससे आर्थिक समृद्धि का अनुमान लगाया जाएगा। स्वयं का घर और उसमें शौचालय है या नहीं है, मकान कच्चा है या पक्का या किराए के घर में रहते हैं। यह जानकारी मिलने पर सरकार की मदद से पक्के घर बनाने की योजना शुरू की जाएगी। बुनकर हैं, रोजगार करते हैं या बेरोजगार है यह भी पूछा जा रहा है। रोजगारों को स्किल्ड करके रोजगार देने के प्लान बनेंगे। स्व-सहायता समूह, खेल या सिलाई मशीन चलाना जानते हैं तो जानकारी देनी होगी। घर के मुखिया हैं तो बनाता होगा ताकि ये जानकारी हो सके कि देश में कुल कितने देवांगन परिवार हैं। अंत में डीपीआर भरने वालों को सुझाव भी देने होंगे ताकि समाज के विकास में काम आ सके।


वेबसाइट में इस तरह जानकारी जुटा रहे।

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