दीक्षा एप के जरिए हल्बी, गोंड़ी, सरगुजिया, कुडुख में भी ई-लर्निंग

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Dec 04, 2019, 08:36 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news e learning also in halbi gondi surgujia kudukh through diksha app
दीक्षा एप के जरिए राज्य के वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को उनकी ही बोली भाषा में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध है। एप में हल्बी, गोंड़ी, सरगुजिया, कुडुख और छत्तीसगढ़ी में भी ई-सामग्री तैयार की गई है, पूरे पाठ्य पुस्तक की विषय वस्तु को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो ओपन सोर्स साइट्स में उपलब्ध नहीं है।एससीईआरटी के संचालक पी. दयानंद ने मंगलवार को एक कार्यशाला में बताया कि इस सत्र में कक्षा पहली से 10वीं तक हिन्दी माध्यम की समस्त 67 पाठ्य पुस्तकों को डिजिटाइज्ड किया गया है।

इसमें क्यूआर कोड अंकित कर इनरजाइज्ड टेक्सट बुक में परिवर्तित कर दिया है। राज्य के विषय विशेषज्ञों की सहायता से 400 घंटों की ई-सामग्री विकसित की गई है। दीक्षा एप पर उपलब्ध सामग्री का उपयोग विद्यार्थी और शिक्षक कठिन अवधारणाओं को समझने के लिए अध्ययन-अध्यापन के समय अथवा अपने घर में भी कर सकते हैं। इस सामग्री को डाउनलोड कर बैगर इंटरनेट के भी देखा जा सकता है।

दयानंद ने कहा कि दीक्षा एप के लाभ हैं कि शिक्षक अपने कौशल और पेशेवर विकास के लिए संसाधन प्राप्त कर सकेंगे। देश के अन्य शिक्षकों और आधुनिक डिजिटल प्रोद्योगिकी को समझ सकेंगे। शिक्षक अपने कार्याें, विषय की विभिन्न दक्षताओं को प्राप्त कर सकेंगे।

कार्यशाला के समापन अवसर पर एक नवीन परंपरा के साथ संचालक द्वारा समस्त अकादमिक सदस्यों के साथ विद्यालयीन दिनचर्या में अध्ययन-अध्यापन में क्यूआर कोड का उपयोग करने के साथ ही छत्तीसगढ़ को गुणवत्तायुक्त की दिशा में अग्रसर करने में भागीदार बनने का संकल्प लिया। कार्यशाला में जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान डाईट, बुनियादी प्रशिक्षण संस्थान (बी.टी.आई), शासकीय शिक्षा महाविद्यालय रायपुर और बिलासपुर के अकादमिक सदस्य उपस्थित थे।

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