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लहसुन खाने और निमोनिया की वैक्सीन से नहीं होगा कोरोना जैसे मैसेज फेक, बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
सोशल मीडिया में ये फेक मैसेज हैं वायरल
{नॉन वेज खाने से फैलता है वायरस: इंडिया में नॉन वेज बनाने की विधि बाकी देशों से अलग है। यहां नॉन वेज को तेज आंच पर पकाया जाता है, जिससे ऐसे किसी वायरस के बच पाने की संभावना खत्म हो जाती है।
{लहसुन से इलाज: बेशक लहसुन में औषधीय गुण होते हैं। ये कई बीमारियों के इलाज में कारगर भी है, लेकिन अभी तक कोरोना वायरस के इलाज में लहसुन फायदेमंद है, इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है।
{ निमोनिया का वैक्सीन: निमोनिया के लिए दिए जाने वाला न्यूमोकोकल वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करता है।
{गोबर और गोमूत्र से इलाज: फेक मैसेज में बताया जा रहा है कि गाय के गोबर और गोमूत्र से कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। लेकिन अभी तक किसी डॉक्टर ने इसे सही नहीं ठहराया है।
{पालतू जानवरों से फैलेगा: किसी रिपोर्ट से ये साबित नहीं हुआ है कि पालतू जानवरों से कोरोन फैलता है।
सिटी रिपोर्टर . रायपुर
लगभग 77 देशों में फैल चुके कोरोना वायरस ने अब इंडिया की चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया में फैल रही गलत जानकारी और अफवाहें लोगों में डर का सबसे बड़ा कारण है। एमडी मेडिसिन डॉ. अब्बास नकवी ने बताया, सोशल मीडिया में कोरोना वायरस के कारण, इससे बचने के तरीकों को लेकर कई फेक मैसेज वायरल हो रहे हैं। इनमें लहसुन खाने से कोरोना वायरस नहीं फैलेगा, ये वायरस नॉनवेज खाने से फैल रहा है या गाय के गोबर-गोमूत्र से इसका इलाज संभव है जैसे फेक मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं। अभी तक किसी साइंटिस्ट या डॉक्टर ने इसे सही नहीं ठहराया है। इसलिए ऐसी अफवाहों से बचने की जरूरत है। डॉ. अब्बास ने बताया, कोरोना वायरस कई तरह के होते हैं लेकिन इनमें सिर्फ COVID-19 ही खतरनाक है। चीन से ज्यादातर देशो में यही वायरस फैला है। पिछले कुछ दिनों के भीतर देश में कोरोना के दो दर्जन से ज्यादा संदिग्ध सामने आने के बाद से लोग इस बीमारी के कारण और इलाज के प्रति काफी गंभीर हो चुके हैं।
लंग्स को पहुंचता है ज्यादा नुकसान
डॉ. अब्बास ने बताया, नोवल कोरोनावायरस के लक्षण शुरू में सामान्य वायरल की तरह ही होते हैं। लेकिन बाद में सांस लेने में तकलीफ, बुखार, खांसी या फिर सर्दी होती है। ये वायरस लंग्स को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। समय पर इलाज ने होने पर पेशेंट की हालत बिगड़ती जाती है। कोरोना छींकने या खांसने से फैलता है।
बरतें ये सावधानियां
{अपने हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं।
{रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रखने, बढ़ाने वाली चीजें खाएं।
{खांसते या छींकते समय कपड़े से मुंह और नाक ढंककर रखें।
{खांसी, बुखार और जुखाम होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
{सांस की किसी तकलीफ से संक्रमित मरीजों के करीब जाने से बचें।
{साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। सेनिटाइजर यूज करें।