पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Raipur News Chhattisgarh News Food And Clothes Being Distributed To The Needy In The City By Forming 4 Friend Groups Distributes Books To More Than 200 Students

4 दोस्त ग्रुप बनाकर शहर में जरूरतमंदों के लिए पहुंचा रहे खाना और कपड़े, 200 से ज्यादा छात्रों को बांटते हैं पुस्तकें

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गरीबी में खुद नहीं पढ़ पाए इसलिए युवाओं ने शुरु की समर्पित सेवा,139 लोगों को फ्री कम्प्यूटर ट्रेनिंग के साथ बांट रहे स्टेशनरी।

राजधानी के रामकुंड क्षेत्र में रहने वाले भूपेन्द्र निर्मलकर की सोच से समाज में बदलाव आ रहा है। उन्होंने चार दोस्तों के साथ मिलकर 8 साल से पाॅकेटमनी के पैसे से सेवा शुरू किया। ताकि स्कूली छात्र-छात्राओं की शिक्षा में मदद कर सकें। इस संकल्प से जब पहली बार सखाराम स्कूल में स्टेशनरी और बैग बांटने पहुंचे। तब उन्हें पता चला कि वहां पढ़ने वाले बच्चों को स्टेशनरी की कमी रहती थी। जिसे रोजी-मजदूरी करने वाले उनके माता-पिता नहीं दे पाते थे। इसके बाद से वे हर साल स्कूल खुलने पर जरूरी सामग्री बांटने लगे। इनके साथ 29 नए सदस्य भी जुड़े। जिनके संयुक्त प्रयास से समर्पित सेवा संस्था शुरू की गई।

DB starinitiative

एक हजार से ज्यादा की मदद भी

सदस्य हर साल करीब 2 सौ छात्र-छात्राओं को स्टेशनरी और बैग देते हैं। ताकि उनकी जरूरतों को पूरा किया जा सके। हर साल स्कूलों में ग्रुप के लोग पहुंचते हंै। यह पहल 8 साल पहले सखाराम स्कूल से की। बाद में सरस्वती विद्यालय,बूढ़ापारा और अमलेश्वर के स्कूल में जाकर पाठ्य सामग्री देने लगे।

पॉकेटमनी से सहायता

ग्रुप से संस्थापक ने बताया कि गरीबी के चलते ही ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए। इसलिए मन में आया कि हम नहीं पढ़ पाए मगर खुद की जरूरतें कम करके बच्चों को पढ़ा सकते हैं। इसे प्रयास में बदलने के लिए दोस्तों से बात की। इसके बाद सेवा के लिए आपसी सहयोग से जमा होने वाली रकम से महीने में एक दिन मरीजों को खाना देते हैं।

खबरें और भी हैं...