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मार्च में जितना पानी बरसता है, उससे चार गुना बारिश केवल 12 दिन में

एक वर्ष पहले
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जनवरी में

इस साल मार्च का महीना भी अब तक ऐसे गुजरा है कि लगता ही नहीं गर्मियां अाने वाली हैं। वजह ये है कि मार्च में अब तक राजधानी-प्रदेश में करीब 4 गुना (400 प्रतिशत) ज्यादा बारिश हो चुकी है। पिछले 12 दिन में तीन पश्चिमी विक्षोभों के असर से 22.9 मिमी पानी बरस चुका है। यह पिछले 12 दिनों की औसत बारिश यानी 4.6 मिमी से चार गुना है। गुरुवार की रात राजधानी में बादल फिर बरसे और राज्य में भी जमकर बारिश हुई है। मौसम पूर्वानुमान अब भी यही
कह रहे हैं कि अाने वाले एक हफ्ते तक बादल-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

इस साल लगातार बन रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर और मध्य भारत मंे बारिश हो रही है। आमतौर पर मार्च में एक-दो बार बारिश होती है लेकिन इस साल अब तक राज्यभर में करीब एक इंच बारिश हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि राज्य में हो रही बारिश किसी स्थानीय प्रभाव नहीं बल्कि पश्चिमी विक्षोभ जैसे वैश्विक वजहों से हो रही है। मार्च ही नहीं इस साल जनवरी और फरवरी में भी अच्छी बारिश हो चुकी है।

मानसून के औसत से ज्यादा

वास्तविक और औसत बारिश की तुलना की जाए तो इस साल मार्च में मानसून से अधिक बारिश हो चुकी है। मानसून के दौरान यानी 1 जून से 30 सितंबर 2019 तक 1255.7 मिमी बारिश हुई। यह औसत से 10 फीसदी अधिक है। वहीं मार्च में 397 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है।

एक्सपर्ट व्यू

राजधानी सहित पूरे छत्तीसगढ़ में भले ही कोरोना वायरल का एक भी केस नहीं है, लेकिन इन दिनों हो रही बारिश और कम तापमान की वजह से खतरा बना हुआ है। राजधानी में दिन का तापमान आज 33 डिग्री डिग्री रहा। हालांकि जानकारों का कहना है कि यदि तापमान 35 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाए तो कोरोना का खतरा टल जाएगा। लेकिन जैसे ही तापमान बढ़ने लग रहा है, बादल-बारिश से यह फिर कम हो रहा है। मेडिकल कालेज में माइक्रोबायोलोजी के एचओडी डा. अरविंद नेरल के अनुसार कम तापमान इस वायरस के लिए अनुकूल स्थितियां बना रहा है। शुक्र है कि अभी तक एक भी केस नहीं हैं, लेकिन एक भी केस हो तो इस परिस्थिति में उसे फैलने का अ‌वसर मिलेगा। डा. अब्बास नकवी ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से एहतियात जरूरी है। अभी तापमान बहुत अधिक नहीं है। वातावरण में नमी बढ़ी हुई है। ऐसे में वायरस को पनपने का मौका मिलता है। इसलिए बाहर से आने वाले लोगों को सबसे पहले अपनी स्क्रीनिंग करानी चाहिए। जांच के बाद रिपोर्ट पाजिटिव रहे, तभी पब्लिक में जाएं।

मार्च में अब तक कहां कितनी बारिश

महाराष्ट्र 3.3 मिमी 23 फीसदी ज्यादा

मध्यप्रदेश 9.6 मिमी 168 फीसदी ज्यादा

उत्तरप्रदेश 26.0 मिमी 623 फीसदी ज्यादा

झारखंड 42.8 मिमी 538 फीसदी ज्यादा

ओडिशा 33.8 मिमी 228 फीसदी ज्यादा

आंध्रा 7.30 मिमी 74 फीसदी ज्यादा

तेलंगाना 8.60 मिमी 96 फीसदी ज्यादा

छत्तीसगढ़ 22.9 मिमी 397 फीसदी ज्यादा

कम तापमान में बना रहेगा कोरोना का खतरा


7

फरवरी में

5

मार्च में

3

इस साल कितने पश्चिमी विक्षोभ


उत्तरी हिस्से में बारिश-ओले : लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना है। ख‌ासकर अंबिकापुर और कोरबा जिले तथा कवर्धा के आसपास अगले एक-दो दिन घने बादल रहेंगी। शाम-रात को गरज-चमक के साथ बारिश होगी। पिछले 24 घंटे के दौरान उदयपुर, बतौली, बिलासपुर, थानखम्हरिया तथा बगीचा में 30 मिमी बारिश हो गई। कवर्धा, बोड़ला, मैनपाट, नवागढ़, गंडई, पंडरिया में 20 तथा राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई। राजधानी में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। अगले 24 घंटे के दौरान एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

झारखंड में ज्यादा वर्षा

छत्तीसगढ़ को छूने वाले सभी पड़ोसी राज्यों में उत्तर प्रदेश और झारखंड ही एेसे हैं, जहां औसत बारिश ज्यादा है। उत्तरप्रदेश में अब तक 623 और झारखंड में 538 फीसदी अधिक बारिश हुई है। तीसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ है, जहां 397 फीसदी ज्यादा पानी बरस चुका है। सबसे कम पानी महाराष्ट्र में गिरा है।

राजधानी में रात में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश
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