सरकारी अस्पतालों में दवा सप्लाई करने वाले गोदाम में भी मिले फंगस वाले आईवी फ्लूड

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Nov 02, 2019, 07:50 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news functional iv fluids found in drug supply godowns in government hospitals
रायपुर। अंबेडकर अस्पताल और डीकेएस सहित राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में दवा सप्लाई करने वाले सीजीएमएससी के गाेदाम में भी फंगस वाला आईवी फ्लूड मिलने से खलबली मच गई है। अंबेडकर अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान फंगस वाला आईवी फ्लूड मिला था। उसी के बाद गोदाम में जांच की गई। एक-दो बाक्स की जांच में ही आईवी फ्लूड की बोतलों में फंगस नजर आ गया है। इसके बावजूद दवा सप्लाई करने वाली कंपनी के खिलाफ अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। केवल नोटिस जारी करने की खानापूर्ति की गई है।

दवा में इंफेक्शन फैलाने वाला फंगस मिलने से सीजीएमएससी के दवा खरीदी के सिस्टम पर ही सवाल खड़ा हो गया है। सरकारी अस्पताल में सप्लाई के लिए सीजीएमएससी ही दवा खरीदी करती है। अफसर दावा करते हैं कि कोई भी दवा या उपकरण खरीदी के बाद लेबोरेटरी में जांच करवायी जाती है। कम से कम दो लेबोरेटरी में जांच के बाद ही कोई भी दवा या उपकरण अस्पतालों में सप्लाई किया जाता है। आईवी फ्लूड में फंगस मिलने के बाद अफसरों के दावे और उनके जांच के सिस्टम को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। अभी भी अफसर फंगस को लेकर सख्त नहीं है। अफसर अभी भी यही कह रहे हैं कि नोटिस भेजा गया है। कंपनी की ओर से जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि राज्यभर में इस बैच के आईवी फ्लूड के उपयोग पर बैन लगा दिया गया है। पूरे प्रदेश से स्टॉक वापस भी मंगवाया जा रहा है।

पूरा स्टॉक किया जाएगा वापस, पर सप्लायर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं

ऐसे हुआ था खुलासा

अंबेडकर अस्पताल के नेत्र विभाग में आईवी फ्लूड में फंगस मिलने बाद मोतियाबिंद के सारी सर्जरी रोक दी गई थी। उसी समय सीजीएमएससी के आला अफसरों को जानकारी दी गई। अफसरों के निर्देश पर गोदाम में रखे उसी बैच के फ्लूड के बाक्स की जांच की गई। इसी दौरान फिर फंगस वाला आईवी फ्लूड मिल गया।

कंपनी को पक्ष रखने 15 दिन का समय

सीजीएमएससी ने गोवा की दवा कंपनी फ्रेसेनियस कबी को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। उनके पक्ष जानने के बाद दवा कंपनी पर कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कंपनी की ओर से सप्लाई बैच नंबर 93एनई217029 के स्टॉक में फंगस मिला है। आईवी फ्लूड का उपयोग मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान आंख को धोने के लिए किया जाता है। अलग-अलग ऑपरेशन में इसके उपयोग भी अलग हैं।

अंबेडकर अस्पताल में मचा हुआ है बवाल

आईवी फ्लूड में फंगस मिलने के बाद अंबेडकर अस्पताल में भी बवाल मचा हुआ है। नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. एमएल गर्ग के रवैये से नाराज कॉलेज की डीन डॉ. आभा सिंह ने उन्हें तलब किया। उन्होंने पूछा कि आखिर आईवी फ्लूड में फंगस मिलने की जानकारी उन्हें या अधीक्षक को क्यों नहीं दी गई? इसकी सीधी जानकारी स्टेट नोडल अधिकारी को क्यों भेजी गयी? डीन के सवाल पर डॉ. गर्ग कुछ जवाब नहीं दे पाए।

ये है दवा की सप्लाई और जांच का सिस्टम

सीजीएमएससी किसी भी टेबलेट, अाईवी फ्लूड या इंजेक्शन को अधिकृत लैब से जांच करवाए बिना अस्पतालों में सप्लाई नहीं करता। अधिकारियों के अनुसार जब किसी दवा का स्टॉक आता है, तब उस बैच की एक-एक दवा का सैंपल लेकर लैब में भेजा जाता है। कॉर्पोरेशन ने पांच से ज्यादा लैब के साथ अनुबंध किया है। सुविधा के अनुसार किसी भी लैब में सैंपल भेजा जाता है।

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ताकि रिपोर्ट मिलने में अनावश्यक रूप से देरी न हो। इसके बाद भी रिपोर्ट आने में कम से कम 15 दिन लग जाता है। सैंपल का रिपोर्ट आने के बाद मांग के अनुसार दवाओं की सप्लाई की जाती है।


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