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होलिका दहन आज... भद्रा बाधा नहीं क्योंकि असर दोपहर 1:11 तक ही

एक वर्ष पहले
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राजधानी के हर बाजार, मोहल्ले व चौक-चौराहों में रंग-पिचकारी और मुखौटों की दुकानें सजी हुई हैं। मुख्य बाजारों में लगभग हफ्तेभर पहले से ही लोग खरीदी के लिए उमड़ रहे हैं। रविवार को भी देर रात तक लोग रंगों की खरीदारी करने के लिए पहुंचते रहे। इस बार कई हाइटेक पिचकारियां भी आईं हैं जिनकी काफी डिमांड है। तस्वीर बंजारी बाजार की।

प्रेम, भाईचारा व सद्भाव के प्रतीक होली पर्व में अब केवल एक दिन बाकी है। पर्व की पूर्व बेला में बुधवार शाम से शहर में करीब डेढ़ हजार से ज्यादा स्थानों पर होलिका दहन का सिलसिला शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा। कई चौराहों पर होलिका और भक्त प्रहलाद की प्रतिमाएं रखी जाएंगी। बाद में प्रहलाद की प्रतिमाएं हटाकर होलिका का दहन किया जाएगा। पंडितों के अनुसार भद्रा काल इस बार दोपहर 1.11 बजे तक ही है। इसीलिए यह इस बार होलिका दहन में बाधा नहीं बनेगी। इधर, होली उत्सव समितियां पर्यावरण सुरक्षा और पेड़ों की कटाई की रोकथाम के लिए बहुत से स्थानों पर गौकाष्ठ अौर कंडों का उपयोग भी करेंगी।

ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि सोमवार को फागुन मास की पूर्णिमा में होलिका दहन किया जाएगा। इसके अगले दिन चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर होली खेली जाएगी। यानी वसंतोत्सव मनाया जाएगा। इस बार पूर्णिमा के दिन सोमवार है। इस वजह से सर्वार्थ सिद्धि और ध्वज योग का निर्माण हो रहा है जो कि अत्यंत शुभ है। इस दिन रात्रिकाल में होलिका दहन करना श्रेष्ठ होगा। साथ ही साथ गोचर में सूर्य और बुध का लग्नस्थ होना और शनि का स्वग्रही होना इस बात को ओर संकेत दे रहा है कि होलिका दहन के दिन कष्ट निवारण हेतु किए गए सभी उपाय सफल होंगे। होलिका दहन के दिन प्रात:कालीन भद्रा है जो दोपहर 1.10 तक रहेगी। होलिका दहन चूंकि रात को किया जाता है इसलिए यह निष्प्रभावी होगी। भद्रा को लेकर लोगों को किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।

डीडीनगर... महिलाओं ने खेली हर्बल रंगाें की होली

महिलाओं ने यहां फूलों और हर्बल रंगों की होली खेल फाग महोत्सव मनाया। साथ ही महिला दिवस भी सेलिब्रेट किया। इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में शताब्दी पांडे, पुष्पलता त्रिपाठी, वंदना देवांगन, डॉ. रश्मि चौबे, प्रीति अग्रवाल आदि शामिल थीं। इस दौरान मनीषा चंद्राकर, रंभा चौधरी, शोभा नागझिरे, नूतन पाथोडे, सुमन सिंह, मोहनी सावरकर, सुनीता मोदी, अर्चना वोरा, तेजस्वनी घाडगे, आभा वर्मा आदि मौजूद रहीं।

पीआईएसएफ... अपील- सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं

संगठन के सदस्यों ने तिलक होली खेलकर होली मनाई। इस दौरान लोगों से यह अपील भी की गई कि वे रासायनिक रंगों के अजाय हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें ताकि किसी को साइड इफेक्ट न हो। इस दौरान नितिन भंसाली, पार्थ घोष, धर्मेश कोटक, सत्येंद्र श्रीवास्तव, राहुल अरोरा, प्रवीण पालस्पगर, रंजीत अरोरा मौजूद रहे।

गोबर की होलिका...

नगर निगम के साथ कई सामाजिक संगठन गोबर की होलिका जलाने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसी दिशा में बड़ी पहल की है एक पहल और संस्था ने। संस्था ने इस बार गोबर की एक हजार होलिका बनाई जिन्हें सोमवार रात शहर के अलग-अलग स्थानाें पर जलाया जाएगा। संस्था के ऋषभ अग्रवाल बताते हैं कि होलिका बनाने 2 माह पहले गाेकुल नगर स्थित गौशाला में तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। अगर आप भी गोबर से बनी होलिका खरीदना चाहते है। तो मोबाइल नंबर- 8461883203 पर आज शाम 4 बजे से पहले कॉल करके बुकिंग करवा सकते है।

पहल... बुराई खत्म करने जलाई जाएगी कुरीतियों की हाेलिका

इधर, अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति ने इस बार भी सामाजिक कुरीतियों की होलिका जलाने का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र बताते हैं कि अन्धविश्वास, भूत-प्रेत, टोनही, झाड़-फूंक, बलि प्रथा और नरबलि जैसी कई कुरीतियां आज के समय में भी हमारे समाज में मौजूद हैं। इस वजह से आज भी हजारों-लाखों लोगों को प्रताड़ित होना पड़ रहा है। इसीलिए हम इन कुरीतियों का प्रतीकात्मक दहन कर लोगों को संदेश दे रहे हैं कि वे अंधविश्वास में पड़ने से बचें। होलिका दहन शाम 5.30 बजे नगर घड़ी चौक स्थित महाकोशल कला वीथिका परिसर में किया जाएगा।
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