परेशानियों से बचने के लिए की जाती है गृह-प्रवेश की पूजा

News -  नए घर में गृह-प्रवेश की पूजा क्यों की जाती है?  विनोद सिंह, इंदौर हिन्दू धर्म में वास्तु और पूजा विधियों का...

Nov 11, 2019, 07:35 AM IST
 नए घर में गृह-प्रवेश की पूजा क्यों की जाती है?

 विनोद सिंह, इंदौर

हिन्दू धर्म में वास्तु और पूजा विधियों का काफी महत्व है। नया घर बनाने के बाद उसमें प्रवेश करने से पहले जो पूजा की जाती है, उसे ही गृह-प्रवेश पूजा कहा जाता है। नए घर में दिक्कतों और परेशानियों का सामना न करना पड़े इसलिए ही वास्तु शास्त्र और वेदों में गृह-प्रवेश की पूजा को जरूरी बताया गया है। गृह प्रवेश के लिए दिन, तिथि, वार एवं नक्षत्र को ध्यान मे रखते हुए, गृह प्रवेश की तिथि और समय का निर्धारण किया जाता है। गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान जरूर रखें। एक विद्वान ब्राह्मण की सहायता लें, जो विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण कर गृह प्रवेश की पूजा को संपूर्ण करता है।



 राहु-काल में क्यों नहीं करने चाहिए शुभ कार्य?

 महेन्द्र शुक्ला, रायपुर

राहु काल में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने की मनाही होती है। ऐसा माना जाता है कि इस समय में कोई भी शुभ कार्य करने से वह सफल नहीं होता है। इसके पीछे का तर्क यह है कि राहु को पापी ग्रह माना गया है। दिन में एक समय ऐसा आता है, जब राहु का प्रभाव काफी बढ़ जाता है और उस दौरान यदि कोई भी शुभ कार्य किया जाए तो उस पर राहु का प्रभाव पड़ता है। राहुकाल में किए गए काम या तो पूर्ण ही नहीं होते या निष्फल हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए और यदि कार्य का प्रारंभ राहुकाल के शुरू होने से पहले ही हो चुका है तो इसे करते रहना चाहिए, क्योंकि राहुकाल को केवल किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ करने के लिए अशुभ माना गया है ना कि कार्य को पूर्ण करने के लिए।

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