कचरे से जुड़े स्व सहायता समूह के सदस्यों का मानदेय 1 हजार बढ़ा

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Sep 14, 2019, 07:40 AM IST
रायपुर | राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के काम में शामिल स्व सहायता समूहों के सदस्यों में मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। सरकार ने डोर-टू-डोर कलेक्शन, इनआर्गेनिक वेस्ट का एसएलआरएम सेंटर और आर्गेनिक वेस्ट का कंपोस्टिंग शेड तक परिवहन एवं दूसरे अन्य कामों में लगे स्व सहायता समूहों के सदस्यों का मासिक मानदेय 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 6 हजार रुपए कर दिया है। बढ़ा हुआ मानदेय अगस्त से दिया जाएगा। इसकी वजह से सरकार पर आने वाले वित्तीय भार की भरपाई अगले छह महीने तक अधोसंरचना मद/ क्षतिपूर्ति मद से किया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग ने इस मद से 1808.52 लाख रुपए के भुगतान का आदेश दिया है। वहीं निकाय अब रिसाइकिल किए जा सकने वाले किसी भी पदार्थ को नहीं बेच पाएंगे।





विभाग ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।









निकाय नहीं बेच सकेंगे रिसाइकिल किए जाने वाले पदार्थ

विभाग ने रिसाइकिल किए जा सकने वाले पदार्थ को स्व सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों को मुफ्त में देने का निर्णय लिया है। स्व सहायता समूह के सदस्य रिसाइकिल किए जा सकने वाले इन पदार्थों को बेचकर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। विभाग ने इनसे होने वाली आय को निकाय के खाते में जमा करने पर रोक लगा दिया है। यही नहीं, यदि इससे पहले भी इस तरह के पदार्थों को बेचने से कोई राशि निकाय के खाते में जमा की गई है तो उसे 15 दिन के भीतर संबंधित स्व सहायता समूह के खाते में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। निकाय कम्पोस्ट को बेच सकेंगे। कम्पोस्ट बेचने से हुई आय निकाय के खाते में जमा की जाएगी और इसका उपयोग केवल मिशन क्लीन सिटी के काम में किया जाएगा।

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