ट्रैफिक पुलिस ने रोका तो... सीधे भैया को फोन

News - सर ये लीजिए फोन लाइन पर भैया हैं...। वो मंत्रीजी के बंगले पर हैं। प्लीज उनसे बात कर लीजिए। सर...सर... पर तो निगम से हूं।...

Dec 04, 2019, 08:40 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news if the traffic police stopped call bhaiya directly
सर ये लीजिए फोन लाइन पर भैया हैं...। वो मंत्रीजी के बंगले पर हैं। प्लीज उनसे बात कर लीजिए। सर...सर... पर तो निगम से हूं। साहब के काम से गया था... सर फोन पर साहब हैं बात कर लीजिए ना...। सर मैं तो स्टाफ से हूं, हड़बड़ी में लाइसेंस रखना भूल गया...। मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस सड़क पर उतरी और 10 मिनट की कार्रवाई के दौरान ही पकड़े जाने वालों ने नेताओं और अफसरों को फोन लगाकर पूरी कार्रवाई को प्रभावित करना शुरू कर दिया। मिन्नतें करने वाले कई बाइकर्स तो धौंस दिखाने लगते थे।

पुलिस के अफसर भी अपनी धुन के पक्के थे। पकड़े जाने वाला हर दूसरा बाइकर्स किसी न किसी काे कॉल कर अपनी सिफारिश करवाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन कार्रवाई करने वाले अफसरों और जवानों ने एक के भी फोन को अटेंड नहीं किया। चालान करने के बाद ही अफसरों ने बाइकर्स को छोड़ा। पुलिस ने कालीबाड़ी चौक- पर मंगलवार दोपहर 2 बजे चेकिंग प्वाइंट लगाया था। इस दौरान बिना नंबर वाले वाहन, टूटी-फूटी नंबर प्लेट और लाइसेंस व अन्य दस्तावेज के चलने वालों को रोका गया। पुलिस का प्वाइंट कालीबाड़ी स्कूल के गेट के ठीक सामने था। टिकरापारा की ओर से आने वाले वाहन चालक प्वाइंट में फंस रहे थे। जवानों की टीम दूर-दूर छिटककर तैनात थी। गलत नंबर प्लेट या बिना नंबर प्लेट के वाहन दूर से ही दिख रहे थे। इसके अलावा असावधानीपूर्वक वाहन चलाने वालों को भी दूर से देखकर उन्हें रोका जा रहा था। ऐसे किसी भी वाहन चालक को कार्रवाई के बिना नहीं छोड़ा गया। हालांकि पुलिस पर कई तरह के दबाव आए, लेकिन कार्रवाई के बाद ही वाहन छोड़े गए।

गाड़ी में बैठे अफसर और जवान को मोबाइल देेते हुए बोले- फोन पर भैया है सर बात तो कर लीजिए प्लीज...।

पकड़ाए तो कहा निगमकर्मी हैं

टूटी नंबर प्लेट वाला वाहन लेकर आ रहे दो युवक जांच के घेरे में फंसे। पुलिस ने जैसे ही रोका दोनों के मुंह से निकला अरे...अरे...। जैसे ही गाड़ी रोकी, एक सब इंस्पेक्टर रैंक के अफसर करीब पहुंचे। उन्होंने कहा आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट टूटी है। लाइसेंस दिखाइए। अफसर के ऐसा कहते ही दोनों ने एक दूसरे का चेहरा देखा फिर उनमें शामिल एक ने कहा- सर हम लोग निगम कर्मी हैं। सड़क से आवारा पशु पकड़ते हैं। साहब ने कुछ काम दिया है... उन्हीं के काम से जा रहे हैं। फिर फोन अफसर के करीब ले जाकर उनसे कहा- सर हमारे पशु चिकित्सा अधिकारी हैं, उनसे बात कर लीजिए।

नाबालिग को सौंप दी कार

धमतरी जिले के नंबर वाली कार को जांच के लिए रोका। ड्राइवर नाबालिग था। पुलिस अफसरों ने गाड़ी किनारे करवाकर लाइसेंस मांगा। गाड़ी किसी बड़े नेता के रिश्तेदार की थी, उसमें कुछ महिलाएं भी बैठी थीं। नाबालिग ने किसी को फोन लगाकर बात की, फिर पुलिस अफसर के करीब जाकर कहा- सर भैया से बात कर लीजिए। पुलिस अफसर ने साफ मना कर दिया। उसके बाद भी कई बार भैया...भैया...कहकर उसने बात करवाने की कोशिश की लेकिन अफसर अड़े रहे। थोड़ी देर में नेता का सुरक्षा गार्ड और उनके साथ घूमने वाला कार्यकर्ता खुद पहुंच गया। पर गाड़ी नहीं छूटी।

उसके बाद दस्तावेज दिखाकर गाड़ी छुड़वायी गई। जांच के दौरान निगम के एक अधिकारी को भी रोक दिया गया। उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। अफसर भी अचानक ऐसा होने से हड़बड़ा गए। उन्होंने कई स्तर पर बात करवाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी का फोन ही रिसीव नहीं किया।

बहुत आते हैं फोन


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