15 साल में नेताआें ने जहां चाहा वहां बनवाए एनीकट, पानी में बह गए करोड़ों, खेतों की नहीं बुझी प्यास

News - छत्तीसगढ़ में सिंचाई के लिए बनाए गए एनीकटों का उपयोग सिर्फ इसीलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि नेताओं ने जहां चाहे...

Jan 16, 2020, 07:35 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news in 15 years leaders have built anicat wherever they wanted crores were washed away in water fields did not quench thirst
छत्तीसगढ़ में सिंचाई के लिए बनाए गए एनीकटों का उपयोग सिर्फ इसीलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि नेताओं ने जहां चाहे वहां बिना किसी परीक्षण के ही इनका निर्माण करवा दिया। यानी सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए सरकार का करोड़ो रूपये पानी मे बह गए।

प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 700 से अधिक एनीकट और स्टॉप डेम बनाये गए हैं लेकिन दावों के बाद भी सिचाई क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकी है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने भास्कर को बताया कि अभी तक जितने भी स्टॉप डैम और एनीकट बनाये गए है उनमें से आधे से अधिक का सर्वे ही नही किया गया है। पूर्व के विधायकों और मंत्रियों ने सिर्फ लोगों को खुशफहमी का अहसास कराने के लिए ही इनका निर्माण कराया है। बताते हैं भाजपा संगठन एक बड़े पद पर बैठे नेता के विधानसभा में तो 100 से ज्यादा तो एक अन्य बड़े नेता के इलाके में भी 100 से ज्यादा स्टॉप डैम और एनीकट बनाये गए है। जिनमे से अधिकतर किसी उपयोग के लायक नहीं है।

कोरिया जिले में 10 करोड़ से ज्यादा खर्च कर बिना मापदंड के बनाए 52 स्टॉप डैम

कोरिया जिले के खड़गांव विकासखंड के अलग- अलग गावों में 2018- 19 में 1013.65 लाख रुपये से 52 स्टॉपडेम का निर्माण करवाया गया है। लेकिन बिना मापदंड के गुणवत्ताहीन कार्य की शिकायत भी की गई है। जांच कमिटी भी बिठाई गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई।

गड़बड़ी ऐसी कि वन्य प्राणियों को भी नही मिल रहा पानी

मैनपुर में प्रसिद्ध उदंती अभ्यारण्य में स्टॉप डेम निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इसके कारण वन्य प्राणी पानी के लिए भटक रहे हैं। वन्यप्राणियों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग ने 40 लाख रुपए में स्टॉप डेम का निर्माण करवाया। लेकिन घटिया निर्माण कार्य के कारण पहली बारिश मे बह गया।

अफसर भी मानते हैं बिना जांचे-परखे हुआ निर्माण

जलसंसाधन विभाग के अफसरों का कहना है कि प्रदेश में सिंचाई के लिए अधिकांश स्टाप डैम, एनीकट आैर बैराज बिना किसी सर्वे आैर परीक्षण के बनाया गया है। इनके निर्माण के पहले यह बिल्कुल नहीं जांचा गया कि वहां पानी का बहाव किस आेर है, निर्माण स्थल तक पानी पहुंचेगा कि नहीं इसकी बारीकी से जांच ही नहीं की गई।

यहां 2 करोड़ की लागत से बना नहर पर नाली जैसा हाल

धमतरी जिले के कांटा कूर्रुडीह में 2 करोड़ रुपये की लागत से नहर का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन इसे देखने से ऐसा लग रहा है जैसे ये रायपुर में बनाई जाने वाली नालियों से भी कम गहरा है। यहाँ पर निर्माण में अनियमितता के साथ मजदूरों का शोषण भी किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार से पेटी पर विभाग का इंजीनियर ही काम उठाकर इसका निर्माण करवा रहा है। इसी तरह धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के अंतर्गत राजा डेरा जलाशय मे 46 लाख रुपये से स्टॉप डेम के सुलुस गेट को ऊंचा उठाकर नहर नाली निर्माण कार्य किया गया है । लेकिन इसमें सीपेज आ गया है। जिससे किसान सिचाई नहीं कर पा रहे हैं।

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