वित्तीय साल मार्च के बजाय जून को माने, छोटे कारोबारियों को भी दें आर्थिक पैकेज

News - रायपुर | कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस बार वित्तीय साल 31 मार्च के बजाय 30...

Mar 27, 2020, 07:21 AM IST

रायपुर | कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस बार वित्तीय साल 31 मार्च के बजाय 30 जून माना जाए। जिस तरह बड़े कारोबारियों को आर्थिक पैकेज से राहत दी गई है उसी तरह छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक पैकेज दिया जाए। इससे कोरोना में हुए लॉकडाउन से परेशान कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा गया है कि सरकार की घोषणाएं राहत भरी हैं, लेकिन ब्याज दर कम करने के बजाय विस्तारित अवधि के लिए ब्याज वापस लेना बेहतर होगा। इस विस्तारित अवधि के लिए ब्याज पूरी तरह से माफ किया जाए। अगले वित्तीय वर्ष यानी 2020-21 को 9 महीने का कर दिया जाए।

बैंक लोन की वापसी, ईएमआई और अन्य बैंकिंग दायित्वों को 30 सितंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए। इस अवधि पर कोई ब्याज या जुर्माना नहीं वसूल किया जाना चाहिए। बिजली, पानी, संपत्ति कर जैसे सभी सरकारी बिलों का भुगतान 30 सितंबर 2020 तक स्थगित करना चाहिए। देश की सप्लाई चेन को चलाने के लिए व्यापारियों को रियायती ब्याज दर पर कोरोना कैश लोन दिया
जाना चाहिए।

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