चार साल बाद भी शुरू नहीं हो सका औषधीय रिसर्च संस्थान

News - रायपुर | चार साल पहले केंद्र सरकार ने नवा रायपुर राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा अनुसंधान संस्थान खोलने की मंजूरी दी थी।...

Oct 13, 2019, 07:26 AM IST
रायपुर | चार साल पहले केंद्र सरकार ने नवा रायपुर राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा अनुसंधान संस्थान खोलने की मंजूरी दी थी। लेकिन अभी तक यह संस्थान नहीं बन पाया है। करीब 200 करोड़ की लागत से बनने वाले इस संस्थान से फार्मेसी में उच्च शिक्षा और रिसर्च करने वाले छात्रों को फायदा मिलता। राज्य सरकार ने इसके लिए नवा रायपुर में 35 एकड़ जमीन निर्धारित की थी। प्रदेश में फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्रों की दिलचस्पी स्वरोजगार तक ही सीमित है। ज्यादातर छात्र इसके लिए मेडिकल स्टोर खोलने को आसान राह मानते हैं। छात्रों का एक बड़ा वर्ग सरकारी नौकरी के तौर पर ड्रग इंस्पेक्टर जैसी नौकरियों की भी तैयारियां करते हैं। फार्मेसी के फील्ड में तेजी से बदलाव हो रहा है। जिसमें बेहतर रोजगार के लिए नए विकल्प उपलब्ध हैं। फार्मेसी में भी रिसर्च और उच्च शिक्षा के कई मौके हैं। छात्र जो फार्मेसी में रिसर्च और उच्च शिक्षा में भविष्य बनाना चाहते हैं संस्थान नहीं खुलने की वजह से दूसरे राज्यों में जा रहे हैं।





2018 में बनता तो छात्रों को मिलता फायदा

2015-16 में जब केंद्र सरकार ने इस संस्थान के लिए मंजूर दी थी। तब इसके निर्माण के लिए 2018 की समय सीमा तय की थी। केंद्र की टीम ने नवा रायपुर में दौरा भी किया था। लेकिन तब से आज तक दिल्ली और नवा रायपुर के बीच फाइलें घूम रही हैं।





राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा अनुसंधान बनने के बाद प्रदेश को चिकित्सा के क्षेत्र में एक साथ कई फायदे होते। छात्रों को एडवांस रिसर्च और स्टडी के मौके इससे मिलते, वहीं मेडिसिन, वायरोलॉजी टेस्ट, मेडिसिन टेस्ट वायरो टेस्ट और दवाओं के टेस्ट के लिए अत्याधुनिक सेटअप भी बनता।

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