एमए हिंदी, प्राइवेट वाले साढ़े 4 हजार पर रविवि में रेगुलर की 20 सीटें भी नहीं भरीं

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Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:38 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news ma hindi pvt 4 and a half thousand ravi also did not fill 20 regular seats
उच्च शिक्षा में हिंदी अब प्राइवेट से परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए भी पसंदीदा विषय बन गई है। इस साल साढ़े चार हजार छात्र प्राइवेट के तौर पर एमए हिंदी की वार्षिक परीक्षा में शामिल हुए। पिछले कुछ बरसों से यह संख्या बढ़ रही है। हिंदी से पीजी करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगातार कम हो रही है। रविवि में एमए हिंदी की कुल 20 सीटें हैं, इसमें से भी सात खाली रह गई। विश्वविद्यालय के साथ ही अधिकांश काॅलेजों में भी एमए. हिंदी की सीटें खाली रह गई। शिक्षाविदों का कहना है कि नियमित पढ़ाई में वे छात्र ही प्रवेश ले रहे हैं जो नेट, पीएचडी या फिर यूपीएससी या पीएससी की तैयारी कर रहे हैं। हिंदी के अलावा अन्य विषयों में भी इस तरह के ऑप्शन है इसलिए हिंदी की रेगुलर पढ़ाई की अपेक्षा छात्र दूसरे विषयों को चुन रहे हैं। एमए इंग्लिश, इकोनोमिक्स, समेत अन्य में लगभग पूरी सीटें भरी। इसी तरह रविवि में एमए छत्तीसगढ़ी की भी सभी 40 सीटों पर रेगुलर एडमिशन हुए।

एमए हिंदी की सीटें अधिकांश कॉलेजों में रह गईं खाली

एमए के दूसरे विषयों में हिंदी से कम परीक्षार्थी

रविवि की वार्षिक परीक्षा में इस बार एमए हिंदी में प्राइवेट के तौर पर परीक्षा में शामिल होने वालों की संख्या अधिक रही। एमए हिंदी प्रीवियस व फाइनल में करीब साढ़े चार हजार स्टूडेंट्स थे। इसकी तुलना में अन्य विषयों में प्राइवेट छात्रों की संख्या कम रही। एमए. इकोनामिक्स में एक हजार, एमए इंग्लिश में 1900, इतिहास में 1180, भाषा विज्ञान में 10, दर्शन में 40, पॉलिटिकल साइंस में करीब तीन हजार, लोक प्रशासन में ढ़ाई सौ और समाजशास्त्र से पीजी के लिए करीब चार हजार स्टूडेंट्स प्राइवेट परीक्षार्थी के तौर पर शामिल हुए।

प्रमोशन व नौकरी के लिए प्राइवेट से परीक्षा

प्रमाेशन व नौकरी के लिए प्राइवेट छात्र के तौर पर लोग एमए हिंदी कर रहे हैं। प्राइवेट के लिए उम्र का बंधन नहीं है। इसका फायदा भी लोगों को मिल रहा है। शिक्षाविदों ने बताया कि सरकारी स्कूलों में हिंदी में ऐसे कई शिक्षक हैं जो ग्रेजुएट हैं। पीजी के आधार पर प्रमोशन की संभावना है। इसे देखते हुए वे प्राइवेट के तौर पर ही एमए हिंदी की परीक्षा दे रहे हैं। वहीं कुछ लोग नौकरी के लिहाज से भी इस विषय में पीजी की परीक्षा दे रहे हैं।

पीएचडी के लिए 46 सीटें रविवि व उससे जुड़े काॅलेजाें में हिंदी विषय से पीएचडी के लिए इस बार कुल 46 सीटें हैं। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। 16 सितंबर तक संंबंधित रिसर्च सेंटरों पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। प्रवेश परीक्षा 24 सितंबर को होगी। कुल 34 विषयों के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। शिक्षाविदों का कहना है कि इस बार भी हिंदी से पीएचडी की डिमांड रहेगी।

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